नई दिल्ली: वैश्विक स्तर पर छाए मंदी के बादलों का असर भारतीय ऑटोमोबाइल के क्षेत्र में व्यापक रूप से पड़ रहा है. मंदी के चलते देश में लगातार दसवें महीने अगस्त में यात्री वाहनों की बिक्री काफी कम हुई है. वाहन निर्माताओं के संगठन सियाम के आंकड़ों के मुताबिक अगस्त में यात्री वाहनों की बिक्री एक साल पहले इसी माह की तुलना में 31.57 प्रतिशत घटकर 1,96,524 वाहन रह गई. एक साल पहले अगस्त में 2,87,198 वाहनों की बिक्री हुई थी.

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भारतीय आटोमोबाइल विनिर्माता सोसायटी (सियाम) ने सोमवार को बिक्री से संबंधित आंकड़ों को जारी किया जिसके मुताबिक अगस्त 2019 में घरेलू बाजार में कारों की बिक्री 41.09 प्रतिशत घटकर 1,15,957 कार रह गई जबकि एक साल पहले अगस्त में 1,96,847 कारें बिकी थी. इस दौरान दुपहिया वाहनों की बिक्री 22.24 प्रतिशत घटकर 15,14,196 इकाई रह गई जबकि एक साल पहले इसी माह में देश में 19,47,304 दुपहिया वाहनों की बिक्री की गई.

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इसमें मोटर साइकिलों की बिक्री 22.33 प्रतिशत घटकर 9,37,486 मोटरसाइकिल रह गई जबकि एक साल पहले इसी माह में 12,07,005 मोटरसाइकिलें बिकी थीं. सियाम के आंकड़ों के मुताबिक अगस्त माह में वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री 38.71 प्रतिशत घटकर 51,897 वाहन रही. कुल मिलाकर यदि सभी तरह के वाहनों की बात की जाए तो अगस्त 2019 में कुल वाहन बिक्री 23.55 प्रतिशत घटकर 18,21,490 वाहन रह गई जबकि एक साल पहले इसी माह में कुल 23,82,436 वाहनों की बिक्री हुई थी.

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वही आर्थिक जगत के जानकारों का कहना है कि मौजूदा समय में पूरे विश्व में मंदी का असर है और जब तक इससे निपटने के कारगर कदम नहीं उठाए जाएंगे तब तक बाजार में इसी तरह से कमजार हालात बने रहेंगे. जानकारी के मुताबिक सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के कई बड़े देश इस समय मंदी की समस्या से जूझ रहे हैं.