नई दिल्ली: केंद्र सरकार और रिजर्व बैंक के बीच तनाव खबरों के बीच वित्त मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि सरकार ने केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता का सम्मान किया है और इसे बढ़ाया है. मंत्रालय ने कहा कि विभिन्न मुद्दों पर रिजर्व बैंक के साथ गहन विचार-विमर्श किया जा रहा है. वित्त मंत्रालय का कहना है कि रिजर्व बैंक अधिनियम के तहत रिजर्व बैंक की स्वायत्तता संचालन के लिए आवश्यक और स्वीकार्य जरूरत है. भारत सरकार ने इसका सम्मान किया है और इसे बढ़ाया है. मंत्रालय ने कहा कि रिजर्व बैंक और सरकार दोनों को अपनी कार्यप्रणाली में सार्वजनिक हित और देश की अर्थव्यवस्था की जरूरतों से निर्देशित होना होता है. ‘इसी उद्देश्य के लिये विभिन्न मुद्दों पर सरकार और रिजर्व बैंक के बीच गहन विचार-विमर्श होता रहता है. Also Read - मोदी सरकार 2.0 का 1 साल पूरा: गृह मंत्रालय की उपलब्धियों में शामिल है लॉकडाउन, अनुच्छेद 370 समाप्त करना

हालांकि, बयान में इस बात का जिक्र नहीं किया गया कि सरकार ने रिजर्व बैंक के साथ असहमति को लेकर गवर्नर उर्जित पटेल को निर्देश देने के लिए अब तक कभी इस्तेमाल नहीं की गयी शक्ति का उल्लेख किया था. मंत्रालय ने कहा कि भारत सरकार ने विचार-विमर्श के विषयों को कभी भी सार्वजनिक नहीं किया है. सिर्फ अंतिम निर्णय को ही सार्वजनिक किया जाता है. सरकार इस परामर्श के जरिये स्थिति के बारे में अपना आकलन सामने रखती है और संभावित समाधानों का सुझाव देती है. सरकार ऐसा करना जारी रखेगी. Also Read - One Year of Modi 2.0 : पीएम मोदी ने जनता के नाम लिखा पत्र, कहा- आपदा तय नहीं कर सकती हमारा वर्तमान और भविष्य, पढ़ें 10 बड़ी बातें

उल्लेखनीय है कि सरकार ने रिजर्व बैंक के साथ कुछ मुद्दे पर असहमति को लेकर आज तक कभी भी इस्तेमाल नहीं किए गये अधिकार का जिक्र किया था. मामले से जुड़े सूत्रों के अनुसार, सरकार ने गवर्नर उर्जित पटेल को रिजर्व बैंक अधिनियम की धारा सात के तहत निर्देश देने का उल्लेख किया. सूत्रों ने बताया कि सरकार ने कम से कम तीन बार अलग-अलग मुद्दों पर धारा सात का उल्लेख किया. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया था कि सरकार ने इस विशेष धारा के तहत कोई निर्णय नहीं लिया है. रिजर्व बैंक अधिनियम की धारा सात केंद्र सरकार को यह विशेषाधिकार प्रदान करती है कि वह केंद्रीय बैंक के असहमत होने की स्थिति में सार्वजनिक हित को देखते हुए गवर्नर को निर्देशित कर सकती है. Also Read - RBI Bonds scheme: छोटे निवेशकों को झटका, सरकार ने बंद की सुरक्षित निवेश की ये योजना, पूर्व वित्त मंत्री ने कही ये बात