Ayushman Bharat Pradhan Mantri Jan Arogya Yojna: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की सबसे अहम योजनाओं में से एक आयुष्मान भारत योजना कोरोना से जंग में बेहद प्रभावी साबित हो रही है. इस योजना के तहत हर गरीब परिवार को 5 लाख रुपये तक का निशुल्क इलाज करवाने की सुविधा है. करीब डेढ़ माह पहले सरकार ने इस योजना के तहत कोविड-19 बीमारी का इलाज भी शामिल कर दिया था. इस योजना के तहत अब तक कोरोना वायरस नामक बीमारी का इलाज निशुल्क है. Also Read - यूपी सरकार ने शॉपिंग मॉल खोलने को लेकर जारी किए दिशानिर्देश, मास्क के बिना अनुमति नहीं

ताजा आंकड़ों के मुताबिक दुनिया की इस सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना यानी AB-PMJAY के तहत 2000 से अधिक लोगों का या तो इलाज हो गया है या उनका इलाज चल रहा है. इतना ही नहीं इस योजना के तहत कम से कम तीन हजार लोगों ने अपना टेस्ट करवाया है. Also Read - Goggle Mask: कोरोना को देने मात, लखनऊ दंपति ने बनाया 'गॉगल मास्क'

इस योजना को क्रियान्वित करने वाली एजेंसी The National Health Authority (NHA) ने पिछले एक माह में कोविंड-19 मरीजों के इलाज के लिए 1500 से अधिक अस्पतालों को इमपैनल्ड किया है. एनएचए का कहना है कि हम इस चीज के लिए तैयार हो रहे है कि अगर कोविड-19 के मामले बढ़ते हैं तो इससे कैसे निपटा जाएगा. Also Read - सन फार्मा ने शुरू किया इस दवा के दूसरे चरण का क्लिनिकल ट्रायल, 210 मरीजों पर होगा टेस्ट 

योजना के तहत एक करोड़ लोगों ने करवाया इलाज

इस बीच भारत सरकार ने कहा है कि आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना का सितंबर 2018 में शुभारंभ होने के बाद से अब तक एक करोड़ से अधिक लोगों ने देशभर के अस्पतालों में करीब 13,412 करोड़ रुपये के निशुल्क इलाज का लाभ उठाया है. एनएचए का कहना है कि देश में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के तहत 2,132 लोगों ने कोविड-19 का इलाज कराया या करा रहे हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड-19 से निपटने के लिए इस बीमा योजना के तहत अपने 53 करोड़ लाभार्थियों को कोरोना वायरस की निशुल्क जांच और इलाज की सुविधा दी.

एनएचए ने अपने बयान में कहा कि निजी अस्पतालों समेत 21,565 से अधिक अस्पतालों को अभी तक इस कार्यक्रम के तहत लाया गया है. उसने बताया कि गुजरात, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़, केरल और राजस्थान ने सबसे अच्छा प्रदर्शन करते हुए इस योजना के तहत सबसे अधिक संख्या में लोगों को इलाज मुहैया कराया है.

लोगों ने इस योजना के तहत सबसे अधिक हड्डी रोग, हृदय रोग, हृदय तथा वक्ष रोग और वाहिकीय रोग, विकिरणों से होने वाले कैंसर तथा मूत्र रोगों के लिए इलाज कराया.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने एक बयान में कहा कि दो साल से भी कम समय में देश के गरीब परिवारों के एक करोड़ मरीजों को इलाज मुहैया कराना आयुष्मान भारत पीएमजेएवाई के लिए बड़ी उपलब्धि है. उन्होंने कहा, ‘‘भारत सरकार आयुष्मान भारत पीएम-जेएवाई के सभी 53 करोड़ लाभार्थियों को कोविड-19 की निशुल्क जांच और इलाज देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है.’’

(इनपुट-भाषा)