Bank Loan Defaulters Recovery Rules 11 Rights Every Borrowers Should Know
लोन की EMI नहीं भर पा रहे? फिर भी डिफॉल्टर को रिकवरी एजेंट नहीं कर सकते परेशान, हर शख्स को जानना चाहिए अपने ये 11 अधिकार
बेशक अगर किसी ने लोन लिया है, तो उसे समय पर इसकी किस्तें चुकानी चाहिए. ऐसा नहीं करने पर बैंक के पास एक्शन लेने का अधिकार होता है, लेकिन बावजूद इसके बॉरोअर्स यानी देनदार को भी कुछ अधिकार मिले हुए हैं.रिकवरी एजेंट की ओर से की गई गलती के लिए रिकवरी एजेंसी पर बैन लगाने का प्रावधान है. बार-बार शिकायत मिलने पर बैंक के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है.
बैंक से नोटिस मिलने के बाद आपके पास लोन चुकाने के लिए 60 दिन का समय होता है.
बढ़ती महंगाई के साथ-साथ हमारी जरूरतें भी बढ़ती जाती हैं. इन जरूरतों को एक सैलरी या एक इनकम से पूरा करना संभव नहीं होता. इमरजेंसी के समय या कई बार कुछ जरूरी कामों के लिए हमें बैंक से लोन लेने की जरूरत पड़ जाती है. पर्सनल लोन, क्रेडिट कार्ड, होम लोन, कार लोन वगैरह के लिए फिर हर महीने EMI भरनी होती है. कई बार हम EMI भरने से चूक जाते हैं या कुछ ऐसी दिक्कतें आती हैं, जिनकी वजह से लोन की किस्तें कई महीनों तक दे नहीं पाते. ऐसे में बैंक वसूली एजेंट भेजती है. इन रिकवरी एजेंटों की सख्ती के कारण कई कर्जदारों ने आत्महत्या भी की है.
बेशक अगर किसी ने लोन लिया है, तो उसे समय पर इसकी किस्तें चुकानी चाहिए. ऐसा नहीं करने पर बैंक के पास एक्शन लेने का अधिकार होता है, लेकिन बावजूद इसके बॉरोअर्स यानी देनदार को भी कुछ अधिकार मिले हुए हैं. हम आपको इस आर्टिकल में देनदार के ऐसे 11 अधिकारों के बारे में बता रहे हैं. अगर आप अपने इन अधिकारों को समझ लेंगे, तो आसानी से रिकवरी एजेंटों से निपट सकते हैं.
1.रिकवरी एजेंट के सामने गोपनीयता का अधिकार
आपको गोपनीयता का अधिकार है. रिकवरी एजेंट किसी अन्य व्यक्ति से आपके लोन के बारे में चर्चा नहीं कर सकते.
अगर वह आपके कर्ज के बारे में पड़ोसियों या सहकर्मियों को बताने के लिए धमकाता है, तो घबराएं नहीं. अगर वह ऐसा करता है, तो आप बैंक से उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कर सकते हैं.
2. रिकवरी एजेंट शाम 7 बजे के बाद आपको नहीं कर सकते हैं कॉल
रिकवरी एजेंट आपसे सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे के बीच संपर्क कर सकते हैं. इसके बाद वह आपको फोन नहीं कर सकते.
अगर आपके काम के घंटे या वर्किंग शिफ्ट इसकी परमिशन नहीं देता, तो आपसे इस समय सीमा से परे भी संपर्क किया जा सकता है.
3. बात करने लिए देनदार खुद चुन सकते हैं समय और जगह
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आप वसूली की कॉल लेने के लिए जगह और समय खुद चुन सकते हैं. आप उन्हें किसी विशेष स्थान या समय पर फोन नहीं करने का अनुरोध भी कर सकते हैं.
अगर आप काम पर कॉल नहीं लेना चाहते, तो इसके लिए एजेंट या बैंक में अपील करें. ध्यान रखें, वे आपकी गुजारिश या अपील का तभी तक सम्मान करेंगे, जब तक उन्हें लगता है कि आप उन्हें टाल नहीं रहे हैं.
4. परिवार में किसी की मौत होने पर
अगर आपके परिवार में किसी की मौत हो गई है या ऐसी कोई घटना है, तो आप एजेंट को आपको कॉल नहीं करने या कुछ दिनों तक न आने के लिए कह सकते हैं.
5. दिक्कत होने पर चुन सकते हैं एरियर EMI का ऑप्शन
EMI चुकाने के दो तरीके होते हैं- एडवांस और एरियर. अमूमन लोन लेने वाले एडवांस EMI जमा करते हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर आप एरियर EMI भी भर सकते हैं.
लोन की किस्त की तारीख आमतौर पर महीने की शुरुआत में होती है, इसे एडवांस EMI कहते हैं. अगर आप महीने के आखिर में किस्त चुकाते हैं, तो इसे एरियर EMI कहा जाता है.
6.प्रीपेमेंट करना होगा समझदारी का काम
अगर कहीं से एक्सट्रा इनकम होती है, तो उस रकम का इस्तेमाल लोन के प्रीपेमेंट के लिए किया जा सकता है. इससे भी लोन की अवधि घटाने में मदद मिलेगी.
होम लोन जैसे बड़े लोन के मामले में शुरुआती सालों में प्रीपेमेंट आपको लोन की अवधि काफी ज्यादा कम कर देता है. लोन में प्रीपेमेंट से या तो उस कर्ज की अवधि घटा सकते हैं या आप अपनी EMI कम कर सकते हैं.
7.एजेंट के खिलाफ एक्शन का प्रावधान
रिकवरी एजेंट की ओर से की गई गलती के लिए रिकवरी एजेंसी पर बैन लगाने का प्रावधान है. बार-बार शिकायत मिलने पर बैंक के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है.
8.पहली किस्त बाउंस होते ही बैंक मैनेजर से बात करें
पहली किस्त बाउंस होते ही लोन देने वाले बैंक में जाएं और मैनेजर से बात करें. आमतौर पर मैनेजर अगली किस्त ध्यान से चुकाने की सलाह देता है.
अगर आपकी दिक्कत बड़ी है, तो आप कुछ महीने के लिए अपनी EMI होल्ड करने की अपील कर सकते हैं. हालांकि, ऐसे केस में मैनेजर पर काफी कुछ निर्भर करता है.
9.नोटिस मिलने के बाद 60 दिन का मिलता है वक्त
अगर आपको लोन नहीं चुकाने या EMI बाउंस होने को लेकर बैंक से कोई नोटिस मिला है, तो परेशान न हों. कई बार ऐसा होता है कि बैंक अधिकारी आपकी नीयत समझना चाहते हैं.
अगर आप किसी वास्तविक दिक्कत की वजह से लोन की मासिक किस्त नहीं चुका पाएं, तो बैंक से नोटिस मिलने के बाद आपके पास लोन चुकाने के लिए 60 दिन का समय होता है.
अगर इस अवधि के अंदर भी आप लोन नहीं चुकाते हैं, तो बैंक आपको एक नया नोटिस भेजेगा.
10. जल्द लोन खत्म करने के लिए EMI बढ़ाने का भी है ऑप्शन
अगर आप अपने लोन की मासिक किस्त जल्द खत्म करना चाहते हैं, तो EMI की रकम बढ़ा सकते हैं. अधिकतर लोन एक साल से अधिक की अवधि के लिए लेते हैं. इसलिए सैलरी बढ़ने, बोनस मिलने का सही इस्तेमाल कर आप EMI की रकम आसानी से बढ़ा सकते हैं.
11. रीफाइनेंसिंग की भी मिलती है सुविधा
अगर लोन का रेट ऑफ इंटरेस्ट ज्यादा है. दूसरा बैंक कम ब्याज पर लोन दे सकता है, तो लोन की रीफाइनेंसिंग भी कराई जा सकती है.
हालांकि इसके लिए लोन को चुकाने की आदत (क्रेडिट हिस्ट्री) बेहतर होनी चाहिए. होम लोन जैसी लंबी अवधि के लोन पर ब्याज दरों में मामूली अंतर भी लाखों रुपये की बचत करने में सक्षम है.
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