कहीं आप भी तो नहीं बन गए हैं किसी के लोन गारंटर? 5 बातों को कर दिया इग्नोर तो बैंक को भरना पड़ जाएगा पूरा पैसा

लोन गारंटर बनना सिर्फ एक फॉर्मेलिटी नहीं है. इसके साथ बड़ी जिम्मेदारी जुड़ी होती है. अगर बॉरोअर्स ने लोन लेने के बाद कुछ गड़बड़ी कर दी, तो गारंटर होने के नाते सारी जिम्मेदारी आपकी हो जाती है.

Published date india.com Published: February 9, 2026 10:52 AM IST
कहीं आप भी तो नहीं बन गए हैं किसी के लोन गारंटर? 5 बातों को कर दिया इग्नोर तो बैंक को भरना पड़ जाएगा पूरा पैसा
प्रतीकात्मक फोटो.

जिंदगी में कभी न कभी फाइनेंशियल क्राइसिस आता ही है. ये नॉर्मल है. ऐसी स्थिति में जब हमें पैसों की जरूरत पड़ती है, तो हम परिवार, दोस्तों या रिश्तेदारों से उधार लेते हैं. कई बार अमाउंट बड़ा होता है. इसलिए हमें बैंक से लोन लेने की जरूरत पड़ती है. ये लोन पढ़ाई, शादी, बिजनेस, घर खरीदने, कार लेने या फिर पर्सनल काम के लिए लिया जाता है. अगर आपका क्रेडिट स्कोर ठीक-ठाक है और अमाउंट बड़ा है, तो बैंक लोन देने के लिए गारंटर मांगते हैं. गारंटर यानी ऐसा कोई व्यक्ति जो आपकी जिम्मेदारी ले कि आप समय से EMI चुकाएंगे.

अक्सर परिवार के सदस्य, दोस्तों या ऑफिस कलीग को आसानी से लोन मिल जाए, तो हम गारंटर बन जाते हैं. लेकिन, लोन गारंटर बनना सिर्फ एक फॉर्मेलिटी नहीं है. इसके साथ बड़ी जिम्मेदारी जुड़ी होती है. अगर बॉरोअर्स ने लोन लेने के बाद कुछ गड़बड़ी कर दी, तो गारंटर होने के नाते सारी जिम्मेदारी आपकी हो जाती है. इसलिए किसी का भी लोन गारंटर बनने के लिए यूं ही हामी नहीं भर देनी चाहिए. आपको कुछ बातों को गौर करने के बाद ही किसी का गारंटर बनना चाहिए.

लोन गारंटर बनने का क्या मतलब है?
लोन गारंटर वह व्यक्ति होता है, जो किसी लोन की जिम्मेदारी या गारंटी लेता है. इस बात की गारंटी कि अगर उधार लेने वाला (बॉरोअर) किसी भी कारण से लोन की रकम नहीं चुका पाता, तो गारंटर उस लोन की पूरी रकम चुकाने के लिए कानूनी रूप से जिम्मेदार होगा.

कौन बन सकता है लोन गारंटर?
जो व्यक्ति बैंक की तय योग्यता और शर्तों को पूरा करता हो, वो लोन गारंटर बन सकता है. इसके लिए आपकी क्रेडिट प्रोफाइल अच्छी होनी चाहिए. आपका कोई चेक बाउंस नहीं होना चाहिए. आपके खिलाफ कोई केस नहीं दर्ज होना चाहिए.

कैसे बना जाता है लोन गारंटर?
बैंक गारंटर की रिपमेंट कैपिसिटी से जुड़े सभी डाक्यूमेंट्स की जांच करता है. गारंटर को आधार कार्ड, पैन कार्ड की कॉपी जमा करानी होती है. ITR भरने का रिकॉर्ड और बैंक स्टेटमेंट दिखाना पड़ता है.आपको बैंक के पेपर्स पर साइन करने होते हैं.

क्या कहता है कानून?
भारतीय अनुबंध अधिनियम, 1872 की धारा 128 (Indian Contract Act, 1872 Section 128) के मुताबिक,’गारंटर की जिम्मेदारी मूल देनदार (Principal Debtor) की जिम्मेदारी के समान होती है’. यानी इस नियम के तहत बैंक गारंटर से लोन का पैसा वसूल कर सकती है.

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बॉरोअर्स लोन न चुकाए तो गारंटर को क्या-क्या झेलना होगा?
गारंटर बनने पर आपकी जिम्मेदारियां सिर्फ नाम या दस्तखत तक सीमित नहीं होती हैं. अगर बॉरोअर्स ने टाइम से किस्तें नहीं दी या लोन को लेकर फ्रॉड हो गया या खुद को दिवालिया घोषित कर दे, तो आप पर पूरी जिम्मेदारी आ पड़ती है. यानी बैंक पैसों की रिकवरी के लिए अब आपको ही पकड़ेगा. इसके लिए बैंक वसूली के लिए गारंटर को पहले नोटिस भेजता है. उसके बैंक खाते से EMI काटेगा. अगर आपके अकाउंट में पैसे नहीं होंगे, तो कानूनी कार्रवाई होगी. कोर्ट रिकवरी के लिए आपकी प्रॉपर्टी जब्त करने का आदेश भी दे सकती है.

गारंटर को और क्या-क्या होगा नुकसान?

  • बॉरोअर्स के लोन नहीं चुकाने से बतौर गारंटर आपका क्रेडिट स्कोर खराब होगा.
  • आगे आपको लोन ऑफर नहीं मिलेगा. आप लोन लेने जाएंगे,तो एप्लिकेशन रिजेक्ट कर दी जाएगी.
  • आपको क्रेडिट कार्ड इश्यू नहीं होगा. आप बैंक अकाउंट में पड़ा अमाउंट नहीं निकाल पाएंगे. बैंक इसे फ्रीज करके अपनी रिकवरी करेगा.
  • आपकी प्रॉपर्टी जब्त हो सकती है. आपको कानूनी कार्रवाई का सामना करना होगा.

लोन का गारंटर बनने से पहले 5 बातों का रखें ध्यान

  • गारंटर बनने से पहले उधार लेने वाले व्यक्ति की विश्वसनीयता और उसकी लोन चुकाने की क्षमता जरूर जान-समझ लें.
  • कोशिश करें कि सिर्फ उसी व्यक्ति के गारंटर बनें, जिस पर आपको पूरा भरोसा हो.
  • उतनी ही लोन राशि के लिए गारंटर बनें, जिसे जरूरत पड़ने पर आप खुद चुका सकते हैं.
  • लोन की सभी शर्तों और गारंटर की सभी जिम्मेदारियों को भी अच्छी तरह समझना जरूरी है.
  • जिसका गारंटर बनने जा रहे हैं, उसकी क्रेडिट हिस्ट्री जरूर पता कर लें.

लोन डिफॉल्टर हो जाने पर गारंटर खुद को कैसे बचाए?
अगर आप गारंटर हैं और लोन डिफॉल्टर हो चुका है, तो आप बैंक से वन-टाइम सेटलमेंट या लोन री-स्ट्रक्चरिंग का ऑप्शन मांग सकते हैं.

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