नई दिल्लीः सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कर्मचारियों की दो दिनी हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवा पर बुरा असर पड़ा है. कर्मचारी 30 और 31 मई को हड़ताल पर हैं. इस कारण सरकारी बैंकों में कोई कामकाज नहीं होगा. विभिन्न बैंकों के ये कर्मचारी और अधिकारी वेतन में मामूली दो फीसदी की बढ़ोतरी के प्रस्ताव के खिलाफ हैं. इंडियन बैंक एसोसिएशन ने इतने ही वेतन वृद्धि का प्रस्ताव दिया है. माना जा रहा है कि हड़ताल की वजह से आम लोगों को कई तरह की परेशानियां झेलनी पड़ेंगी. हम आपको बताते हैं कि इन दो दिनों के दौरान कौन-कौन सी परेशानियां सामने आएंगी.

इन कामों पर असर
महीने के अंतिम में आने वाली सैलरी में देरी होगी.
देश भर में नकदी का संकट भी आ सकता है क्योंकि अगले दो दिनों तक करीब-करीब तमाम एटीएम में कैश नहीं डाला जाएगा.
हड़ताल के दौरान तमाम एटीएम बंद भी रह सकते हैं क्योंकि इन बूथों पर तैनात रहने वाले सुरक्षा गार्ड भी हड़ताल में शामिल हो गए हैं.
हड़ताल की वजह से चेक क्लियरेंस, मनी ट्रांसफर, कैश रेमिटेंस, जमा और निकासी पर असर पड़ेगा.

क्यों विरोध कर रहे हैं बैंक यूनियन
वेतन में सुधार की अपनी मांगों पर जोर देने के लिए सरकारी बैंक के कर्मचारी हड़ताल पर हैं. अखिल भारतीय बैंक अधिकारी परिसंघ (एआईबीओसी) ने कहा है कि संशोधन संबंधी मांगों को लेकर सुलह की कोशिश विफल रही. इसे देखते हुए यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) से जुड़ी सभी नौ बैंक यूनियनों ने हड़ताल के फैसले पर टिके रहने का फैसला किया है. एआईबीओसी के महासिचव डी.टी. फ्रांको ने कहा है कि मामूली दो प्रतिशत वेतन वृद्धि की पेशकश ठीक नहीं है. एआईबीओसी के संयुक्त महासचिव रवींद्र गुप्ता ने कहा कि पिछली बार वेतन में संशोधन 2012 में किया गया था. वह एक नवंबर 2012 से 31 अक्टूबर 2017 के लिए था. उस दौरान बैंक कर्मचारियों के वेतन में 15 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी. उन्होंने कहा कि इस बार यूनियन बेहत वेतन की उम्मीद कर रहे थे.

इन बैंकों में कामकाज सामान्य रहने की उम्मीद
रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हड़ताल में निजी बैंक के कर्मचारी शामिल नहीं है. इस कारण अधिकतर निजी बैंकों के कामकाज पर असर नहीं पड़ेगा. आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, येस बैंक और इंडस बैंक के कामकाज पर असर नहीं पड़ेगा.