आज की आधुनिक शैली में विश्वास करने वाले शहरी लोगों के बीच क्रेडिट कार्ड बहुत तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं. अपने शौक को पूरा करने के लिए शहरी लोग क्रेडिट कार्ड्स का धड़ल्ले से उपयोग कर रहे हैं. बहुत से लोग क्रेडिट कार्ड से मिलने वाली सुविधा की वजह से इसका उपयोग करना पसंद करते हैं. क्रेडिट कार्ड आपात स्थिति के दौरान तत्काल पैसे की जरूरत को पूरा करने के लिए बेहतर माध्यम है. हालांकि, इन कार्डों से जुड़े कुछ शुल्क हैं जो बहुत अधिक हैं. इसलिए, क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने वाले लोगों को इन शुल्क के बारे में जानकारी रखना जरूरी हो जाता है. आइए, जानते हैं ऐसे कौन से शुल्क बैंक्स आपसे वसूलते हैं. Also Read - कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने पेंशनर्स के लिए जीवित होने का प्रमाण पत्र जमा करने की डेडलाइन बढ़ाई, जानिए-कब तक जमा करना होगा सर्टिफिकेट

वित्त शुल्क: Also Read - Bank Holiday in December 2020: दिसंबर में 11 दिन बंद रहेंगे बैंक, एडवांस में कर लें अपनी तैयारी; ये रही छुट्टियों की लिस्ट

क्रेडिट कार्ड जारीकर्ता बैंक आपसे वित्त शुल्क वसूलते हैं जिसे मूल रूप से क्रेडिट कार्ड ब्याज दर कहा जाता है. ये शुल्क लेंडर-टू-लेंडर अलग-अलग होते हैं. हर क्रेडिट कार्ड में प्रीसेट फाइनेंस चार्ज होता है और यह सभी ग्राहकों के लिए समान होता है. साथ ही, क्रेडिट कार्ड पर ब्याज तभी लिया जाता है, जब आपने बकाया राशि का पूरा भुगतान नहीं किया हो. Also Read - PM Svanidhi Scheme: 27 लाख से अधिक रेहड़ी-पटरीवालों ने मांगा लोन, सरकार की मेहनत लाई रंग

वार्षिक रखरखाव शुल्क:

हम में से अधिकांश लोगों को बैंकों या क्रेडिट कार्ड कंपनियों से क्रेडिट कार्ड के लिए कॉल आया होगा.कॉल करने वाला कहता है कि आपको क्रेडिट कार्ड मुफ्त में दिया जा रहा है. वास्तव में इसका मतलब यह है कि बैंक पहले साल के लिए ज्वाइनिंग शुल्क और वार्षिक शुल्क माफ कर रहा है. वार्षिक शुल्क एक वर्ष में एक बार लिया जाता है और राशि कार्ड से कार्ड में भिन्न होती है.

कैश एडवांस/निकासी शुल्क:

क्रेडिट कार्ड एक यूजर को एटीएम मशीन से नकदी निकालने की अनुमति देता है, लेकिन इस पर वह आपसे ब्याज वसूलता है जिसकी दर काफी अधिक होती है. क्रेडिट कार्ड से नकदी निकालने पर उस समय से ब्याज लगता है, जब लेन-देन की राशि 2.5 फीसद होती है.क्रेडिट कार्ड पर वित्त शुल्क आपके कार्ड के आधार पर 49.36% प्रति वर्ष तक हो सकता है. इसका मतलब है कि आपके क्रेडिट कार्ड से नकदी निकालने पर आपको खर्च करना होगा और आपकी जेब पर यह भारी पड़ सकता है.

लेट पेमेंट शुल्क:

बैंक एक फ्लैट शुल्क लेते हैं जब क्रेडिट कार्डधारक समय में न्यूनतम देय राशि का भुगतान नहीं कर पाता है और देर से भुगतान करने पर जुर्माना भी लगता है. देय न्यूनतम राशि की गणना आपके बकाया राशि के 5 फीसदी के रूप में की जाती है. हालांकि, यह अधिक हो सकता है यदि आपने क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ईएमआई पर कुछ खरीदा है, या क्रेडिट सीमा से अधिक खर्च किया है.