नई दिल्ली: व्यापारियों के प्रमुख संगठन कनफेडरेशन आफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने सोमवार को वॉलमार्ट द्वारा फ्लिपकार्ट के अधिग्रहण सौदे के खिलाफ 28 सितंबर को भारत बंद का आह्वान किया है. Also Read - भारत पहुंचे अमेजन CEO Jeff Bezos, महात्मा गांधी को दी श्रद्धांजलि, कहा- उन सभी लोगों को सम्मान, जिन्होंने इस दुनिया को बदला है

कैट के महासचिव प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि देश भर के व्यापारी वॉलमार्ट फ्लिपकार्ट सौदे से नाराज हैं. यह सीधे तौर पर सरकार द्वारा वर्ष 2016 में जारी प्रेस नोट 3 का उल्लंघन है और वॉलमार्ट फ्लिपकार्ट का यह संयुक्त गठबंधन देश के रिटेल व्यापार पर ई कॉमर्स के जरिये नियंत्रण और एकाधिकार का छिपा एजेंडा है. गौरतलब है फ्लिप्कार्ट को वालमार्ट डील के उजागर करने के बाद से ही विरोध झेलना पड़ रहा है. Also Read - कैट ने फ्लिपकार्ट और अमेजन पर लगाया आरोप, कहा- कंपनी की नीतियां बाजार की कीमतें बीगाड़ रही हैं

काफी समय से चल रहा है व्यापारियों का विरोध
इससे पहले भी कैट ने फ्लिप्कार्ट पर वालमार्ट से डील करने के लिए एफडीआई सम्बन्धी नियमों पर ताक पर रखने के आरोप लगाए थे. जून में लगभग 500 शहरों में व्यापारियों ने डील के खिलाफ प्रदर्शन कर सरकार से हस्तक्षेप की मांग की थी.

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खंडेलवाल ने कहा कि इससे देश के खुदरा व्यापार में समान अवसर समाप्त होंगे वहीँ दूसरी और प्रतिस्पर्धा भी ख़त्म होगी. कैट की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सौदे के खिलाफ व्यापक समर्थन जुटाने और रिटेल में एफडीआई को अनुमति न दिए जाने की मांग को लेकर 15 सितंबर से दिल्ली से व्यापारियों की एक राष्ट्रीय रथ यात्रा शुरू होगी तथा 16 दिसंबर को दिल्ली में एक विशाल रैली का आयोजन किया जाएगा.

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वॉलमार्ट ने किया डील पूरी होने का ऐलान
यह निर्णय कल नागपुर में कैट के वार्षिक अधिवेशन में सर्वसम्मति से लिए गए जिसमें देश के सभी राज्यों के लगभग 200 प्रमुख व्यापारी नेता मौजूद थे. वॉलमार्ट इंक ने शनिवार को कहा था कि उसने फ्लिपकार्ट सौदा पूरा कर लिया है और अब उसकी भारत की ई-कॉमर्स कंपनी में 77 प्रतिशत की हिस्सेदारी है. कैट ने कहा कि भारत व्यापार बंद के दौरान देश भर में सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान और बाजार बंद रहेंगे और कोई कारोबार नहीं होगा. साथ ही देश के विभिन्न बाजारों में व्यापारी विरोध मार्च निकालेंगे.

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