नई दिल्ली: समायोजित सकल आय (एजीआर) मामले में उच्चतम न्यायालय की फटकार और सरकार के समयसीमा में ढील ना देने के बाद भारती एयरटेल ने सोमवार को दूरसंचार विभाग को 10,000 करोड़ रुपए के सांविधिक बकाए का भुगतान कर दिया. बता दें कि भारती एयरटेल को लाइसेंस शुल्क और स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क समेत सरकार को कुल 35,586 करोड़ रुपए का सांविधिक बकाया देना है. Also Read - Amazon Prime ने मेंबरशिप किया सस्ता, मात्र 89 रुपये में उठाएं फायदा

कंपनी ने एक बयान में कहा कि वह बाकी की राशि का भुगतान भी स्वआकलन के बाद कर देगी. बयान में कहा गया है, ”भारती एयरटेल, भारती हेक्साकॉम और टेलीनॉर की तरफ से कुल 10,000 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है.” Also Read - Airtel ने अक्टूबर महीने में एक बार फिर Jio को पछाड़ा, जानें क्या है पूरा मामला...

कंपनी ने कहा, ”हम शीघ्रता के साथ स्वआंकलन की प्रक्रिया में हैं और सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई से पहले हम इस प्रक्रिया को पूरा करके बचे बकाया का भी भुगतान करेंगे.” एयरटेल ने कहा कि बचे हुए बकाया का भुगतान करने के वक्त वह इससे जुड़ी और जानकारी भी देगी. Also Read - लंबे समय से चल रहा इंतजार होगा खत्म, अगले साल Mukesh Ambani की कंपनी Reliance Jio लॉन्च करेगी 5G सर्विस

बता दें एजीआर मामले में सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख के बाद दूरसंचार विभाग ने 14 फरवरी से भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया जैसी दूरसंचार कंपनियों को जल्द से जल्द अपना पिछला सांविधिक बकाया चुकाने के आदेश जारी करने शुरू कर दिए.

भारती एयरटेल को लाइसेंस शुल्क और स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क समेत सरकार को कुल 35,586 करोड़ रुपए का सांविधिक बकाया देना है.

एयरटेल ने विभाग के आदेश पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा था कि वह कुल बकाये में से 10,000 करोड़ रुपए का भुगतान 20 फरवरी तक और बाकी बची राशि 17 मार्च तक कर देगी.