नयी दिल्ली: भारतीय संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) ने अपनी आर्थिक स्थिति ठीक करने के लिए अपनी संपत्ति बेचने का फैसला किया है. सरकारी दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल ने संपत्तियां बेचकर पैसे जुटाने की महत्वाकांक्षी योजना के तहत 20,160 करोड़ रुपये की 14 संपत्तियों की सूची निवेश एवं लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) को सौंपी है. Also Read - केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने ट्व‍िटर पर मांगी मदद, प्लीज़ हेल्प करें 'मेरे भाई' को कोरोना इलाज में, फिर दी ये सफाई

इस बीच, एक सरकारी सूत्र ने बताया कि कौशल विकास मंत्रालय को एक भूखंड की तलाश है और उसे दूरसंचार विभाग ने गाजियाबाद में स्थित बीएसएनसल के एक भूखंड की पेशकश की है. इस जमीन की अनुमानित कीमत 2,000 करोड़ रुपये है. Also Read - UP: Corona के कहर के बीच गाजियाबाद में श्मशान के बाहर लगी शवों की लाइन, यहां भी टोकन सिस्‍टम

बीएसएनएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) पीके पुरवार ने कहा, ‘‘कंपनी अपनी संपत्तियों को बेचकर पैसे जुटाने की हर कोशिश कर रही है. कंपनी ने दीपम के जरिये 20 हजार करोड़ रुपये जुटाने के लिये 14 संपत्तियों की पहचान की है.’’ पुरवार ने कहा कि ये संपत्तियां मुंबई, तिरुवनंतपुरम, चेन्नई, गाजियाबाद और अन्य स्थानों पर हैं. Also Read - Coronavirus का रिकॉर्ड तेजी से संक्रमण, महाराष्‍ट्र में 67,123 नए मामले और दिल्‍ली में आए 24,375

इस साल अक्टूबर में सरकार ने बीएसएनएल और एमटीएनएल को पटरी पर लाने के लिये 69,000 करोड़ रुपये के पुनरुद्धार पैकेज को मंजूरी दे दी. इसमें घाटे में चल रही दो कंपनियों का विलय, उनकी संपत्ति को भुनाना तथा कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) योजना लाना शामिल है. इसके पीछे मकसद दो साल के भीतर संयुक्त इकाई को मुनाफे में लाना है. दोनों कंपनियों ने वीआरएस योजना शुरू की और उसके लगभग 92 हजार कर्मचारियों ने यह विकल्प चुना. इससे कर्ज में डूबी दूरसंचार कंपनियों के वेतन मद में 8,800 करोड़ रुपये की बचत का अनुमान है.