Finance Minister Nirmala Sitharaman announced 11 measures today: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना संकट के मद्देनजर जिस विशेष आर्थिक पैकेज (Atmnirbhar Bbharat Abhiyan Package) की घोषणा की है, उसे लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitaraman) ने आज तीसरी बार प्रेस कॉन्फ्रेंस की. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आज की घोषणाओं में कृषि पर बात की जाएगी. उन्होंने कहा, “मैं आज 11 उपायों की घोषणा करूंगी, जिनमें से 8 बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, क्षमता और बेहतर लॉजिस्टिक के निर्माण से संबंधित हैं, जबकि बाकी 3 शासन और प्रशासनिक सुधारों से संबंधित होंगे.” Also Read - भारत में लगातार अच्छा हो रहा है कोरोना मरीजों का रिकवरी रेट, मृत्यु दर घटकर 2.82% हुई: स्वास्थ्य मंत्रालय

COVID19 के दौरान कृषि क्षेत्र के लिए उठाए अतिरिक्त कदमों पर निर्मला सीतारमण ने कहा कि लॉकडाउन अवधि के दौरान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 74,300 करोड़ रुपये से अधिक की खरीद की गई है. पीएम किसान निधि में 18700 करोड़ रुपये का हस्तांतरण किया गया. उन्होंने कहा, ”पिछले छह साल से किसानों के कल्याण के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं. देश के करोड़ों किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि के अंतर्गत 6,000 रुपये का लाभ मिल रहा है. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से किसानों को बाढ़, सूखे के समय उनके नुकसान की भरपाई हो रही है.” Also Read - दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए गए मनोज तिवारी, आदेश कुमार गुप्ता को किया गया नियुक्त

उन्होंने कहा, COVID लॉकडाउन अवधि के दौरान दूध की मांग 20-25% कम हो गई. 2020-21 में डेयरी सहकारी समितियों को 2% प्रति वर्ष दर से ब्याज उपदान प्रदान करने की नई योजना लाई गई है. इस योजना में 5000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी से 2 करोड़ किसानों को लाभ होगा. Also Read - Cyclone Nisarga: महाराष्ट्र और गुजरात में भेजी गई हैं NDRF की 33 टीमें, पीएम बोले- सावधानी बरतें लोग

वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार तुरंत किसानों के लिए फार्म गेट के बुनियादी ढांचे के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का एग्री-इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड बनाने जा रही है. इसके अलावा सरकार माइक्रो फूड एंटरप्राइजेज (MFEs) के लिए 10,000 करोड़ रुपये की योजना लेकर आई है. मत्स्य क्षेत्र को मदद मिल सके इसके लिए, मरीन कैप्चर फिशरीज और एक्वाकल्चर के संचालन में ढील दी गई है.

जानिए क्या हैं नई योजनाएं, किसे मिला कितना रुपया?

  • सरकार ने समुद्री और अंतर्देशीय मत्स्य पालन के विकास के लिए 20,000 करोड़ रुपये की प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना शुरू करेगी. इस कार्यक्रम से 55 लाख लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है.
  • खुरपका-मुंहपका और ब्रुसेलोसिस के लिए 13,343 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम शुरू किया गया. दरअसल भारत में पशुधन को बढ़ाने के उद्देश्य से (भैंस, भेड़, बकरी और सुअर) 100% टीकाकरण के लिए 13,343 करोड़ रूपए के कुल परिव्यय के साथ ‘राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम’ की शुरूआत की गई.
  • हर्बल खेती को बढ़ावा देने के लिए 4000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं; अगले 2 वर्षों में 10,00,000 हेक्टेयर जमीन को कवर किया जाएगा.
  • 15,000 करोड़ रुपये का पशुपालन बुनियादी ढांचा विकास कोष स्थापित किया जाएगा.
  • एकीकृत मधुमक्खी पालन विकास केंद्रों, संग्रह, विपणन और भंडारण केंद्रों और मूल्य संवर्धन सुविधाओं से संबंधित बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 500 करोड़ रुपये की योजना लागू की जाएगी; इससे 2 लाख मधुमक्खी पालनकर्ताओं की आय में वृद्धि होगी.
  • ऑपरेशन ग्रीन्स को टमाटर, प्याज और आलू (TOP) से सभी फलों और सब्जियों (TOTAL) तक बढ़ाया जाएगा.
  • किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्ति के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन किया जाएगा; कृषि उत्पादों में अनाज, खाद्य तेल, तिलहन, दालें, प्याज और आलू को डी-रेगुलेट किया जाएगा.