नई दिल्ली: वित्त मंत्री ने सैलरीड क्लास को बड़ा तोहफा दिया है. टैक्स छूट की सीमा 2.5 से बढ़ाकर 5 लाख कर दी गई है. यानी 5 लाख तक सालाना आमदनी पर अब कोई टैक्स नहीं देना होगा. टैक्स छूट में घोषणा के बाद लोकसभा में मोदी-मोदी के नारे. वहीं स्टैंडर्ड डिडक्शन को 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये किया गया है वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि टैक्स कलेक्शन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है. 12 लाख करोड़ रुपये का टैक्स जमा हुआ. मैं ईमानदार करदाताओं को धन्यवाद देता हूं.

उनके द्वारा टैक्स के रूप में दिए गए पैसे का इस्तेमाल गरीबों के विकास में खर्च हो रहा है. वित्त मंत्री ने कहा कि टैक्सपेयर्स के लिए हमने टैक्स फाइलिंग को आसान बनाया है. उन्होंने कहा कि 24 घंटे में आईटी रिटर्न की प्रोसेसिंग पूरी होगी. टैक्स मूल्यांकन के लिए दफ्तर नहीं जाना पड़ेगा. हालांकि उन्होंने इनकम टैक्स में किसी तरह की छूट नहीं दी. वित्त मंत्री ने कहा कि नोटबंदी के बाद एक करोड़ से अधिक लोगों ने पहली बार इनकम टैक्स भरा. वित्त मंत्री ने इनकम टैक्स छूट सीमा 2.5 लाख से बढ़ाकर 5 लाख कर दिया है.

वर्तमान इनकम टैक्स स्लैब
2.5 लाख तक कोई टैक्स नहीं
2.5 से 5 लाख 5 प्रतिशत टैक्स
5 लाख से 10 लाख तक 20 प्रतिशत टैक्स
10 लाख से ऊपर पर 30 प्रतिशत टैक्स

वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष जितने भी आयकर रिटर्न दाखिल हुए, उनमें 99.54 प्रतिशत रिटर्न फाइल करते ही बिना जांच के स्वीकृत किए गए. आयकर विभाग को ऑनलाइन किया गया. आयकरदाता/अधिकारी का आमना-सामना नहीं होगा.इससे पहले तत्कालीन वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने साल 2012 में आयकर छूट की सीमा को 1.8 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये किया था. उसके बाद 2014 में आयकर छूट की सीमा 2 लाख से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये की गई. इनकम टैक्स लिमिट और सेक्शन 80 से के तहत छूट को 2014 में बढ़ाया गया था, पिछले 5 साल से इसमें बढ़ोतरी नहीं हुई थी.