नई दिल्ली: सरकार ने शनिवार को करदाताओं (टैक्स पेयर) के लिए नई कर व्यवस्था पेश की है. इसके तहत, 15 लाख रुपये तक की सालाना आय वाले उन करदाताओं को कम दर पर आयकर देना होगा जो पुरानी व्यवस्था के तहत मिल रही छूट और कटौतियों का त्याग कर देंगे. नए वैकल्पिक कर ढांचे में 30 प्रतिशत की उच्चतम दर 15 लाख रुपये से अधिक की आय पर लागू होती है जबकि पहले से चल रहे ढांचे में 10 लाख रुपये से अधिक की आय 30 प्रतिशत की कर दर के तहत आती है. Also Read - Tamil Nadu में आईटी की रेड, DMK चीफ एमके स्टालिन के दामाद के कई ठिकानों पर सर्च जारी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में अपना दूसरा बजट पेश करने के दौरान कहा कि नई आयकर व्यवस्था वैकल्पिक है और करदाता चाहे तो छूट और कटौती के साथ पुरानी कर व्यवस्था में रह सकते हैं. यह ध्यान रखने की जरूरत है कि एक बार नई कर व्यवस्था को चुनने के बाद यह व्यवस्था आगामी वर्षों में भी लागू रहेगी. सीतारमण ने कहा कि पांच लाख रुपये तक की सालाना आय वाले करदाताओं को पुरानी या नई दोनों कर ढांचे में कोई कर नहीं देना होगा. Also Read - Aadhaar Pan Link Date Extended: सरकार ने Aadhaar से PAN लिंक करने की अंतिम तारीख बढ़ाई, जानें कब तक का है समय

उन्होंने अपने बजट भाषण में कहा, “व्यक्तिगत करदाताओं को राहत देने और आयकर कानून को सरल बनाने के लिए मैं एक नई और सरल व्यक्तिगत आयकर व्यवस्था का प्रस्ताव कर रही हूं. इसमें छूट और कटौतियों को छोड़ देने वाले करदाताओं को कम दर पर कर देना होगा.” नई कर व्यवस्था के तहत, 2.5 लाख रुपये तक की आय कर मुक्त रहेगी. 2.5 से पांच लाख तक की आय पर पांच प्रतिशत की दर से कर लगेगा, लेकिन 12,500 रुपये की राहत बने रहने से इस सीमा तक की आय पर कोई कर नहीं लगेगा. Also Read - Pan card/Aadhaar Card Link Process: पैन कार्ड को आधार कार्ड से जल्दी करें लिंक, आज है अंतिम दिन

पांच से साढ़े सात लाख रुपये तक की आय पर 10 प्रतिशत, साढ़े सात से 10 लाख रुपये तक की आय पर 15 प्रतिशत, 10-12.5 लाख रुपये तक की आय पर 20 प्रतिशत और 12.5 से 15 लाख रुपये तक की आय पर 25 प्रतिशत की दर से आयकर का प्रस्ताव है. पंद्रह लाख रुपये से ऊपर की आय पर 30 प्रतिशत की दर से आयकर लगेगा.

अनुमान है कि नई कर दरों से सरकारी खजाने को सालाना 40 हजार करोड़ रुपये के राजस्व से वंचित होना पड़ेगा. वित्त मंत्री ने कहा कि पुरानी कर व्यवस्था में छूट और कटौतियों की करीब 100 व्यवस्थाएं हैं. नई सरल कर व्यवस्था में 70 तरह की छूट और कटौतियों को हटाने का प्रस्ताव है. आगे चलकर शेष बची छूट और कटौती पर समीक्षा और जांच-पड़ताल की जाएगी.

उन्होंने उदाहरण देकर समझाया कि यदि सालाना 15 लाख रुपये कमाने वाला व्यक्ति पुराने कर व्यवस्था में 2,73,000 रुपये कर के रूप में देता है जबकि नई कर व्यवस्था में बिना किसी छूट के उसे 1,95,000 रुपये का भुगतान करना होगा. इससे उसके कर के बोझ में 78,000 रुपये की कमी आएगी.

नई कर व्यवस्था में कुछ कटौतियों को हटाने का प्रस्ताव किया गया है. इनमें आवास भत्ता (एचआरए), मानक कटौती, आयकर अधिनियम की धारा 80 के तहत (बीमा प्रीमियम, भविष्य निधि एवं कई पेंशन योजनाओं में योगदान) मिलने वाली छूट शामिल है.

नई कर व्यवस्था इस प्रकार है

0-2.5 लाख रुपये तक —- कर मुक्त

2.5-5 लाख तक ——– 5 प्रतिशत

5 से 7.50 लाख तक—— 10 प्रतिशत

7.5 से 10 लाख तक—— 15 प्रतिशत

10 से 12.5 लाख तक—– 20 प्रतिशत

12.5 से 15 लाख तक—– 25 प्रतिशत

15 लाख रुपये से ऊपर की आय पर —- 30 प्रतिशत

पुरानी कर व्यवस्था इस प्रकार—

0-2.5 लाख रुपये तक —- कर मुक्त

2.5-5 लाख तक ——– 5 प्रतिशत

5 से 10 लाख तक —— 20 प्रतिशत

10 लाख रुपये से ऊपर- 30 प्रतिशत

(इनपुट भाषा)