Budget 2020 Highlights: सरकार ने अपने विनिवेश कार्यक्रम के तहत देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) में अपनी कुछ हिस्सेदारी आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के जरिए बेचने की घोषणा की है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को वित्त वर्ष 2020-21 का बजट पेश करते हुए कहा कि भारत सरकार एलआईसी में अपना कुछ हिस्‍सा बेचगी. उन्होंने कहा कि भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को शेयर बाजार में सूचीबद्ध कराया जाएगा. Also Read - Private Banks Can Get Govt Business: अब कर संग्रह, पेंशन भुगतान और लघु बचत योजनाओं जैसे काम भी करेंगे निजी बैंक

हालांकि वैसे तो सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कई कल्याण योजनाओं मसलन सस्ता घर, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) और आयुष्मान भारत का जिक्र किया लेकिन जैसे ही उन्होंने एलआईसी में सराकर की हिस्सेदारी बेचने की बात कही वैसे ही विपक्ष ने हंगामा करना शुरू कर दिया. उन्होंने कहा कि एलआईसी का निजीकरण किया जाएगा और भारत सरकार अपनी हिस्सेदारी कम करेगी. एलआइसी का अपना हिस्सा बेचने के लिए सरकार आइपीओ लाएगी. Also Read - Privatisation of PSU Banks: सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का निजीकरण क्यों करना चाहती है भारत सरकार?

बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा, “एलआईसी में सरकारी हिस्से का विनिवेश होगा और इसे बाजार में सूचीबद्ध कराया जाएगा. यह एक बड़ा सुधार है. इससे देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी के कामकाज में पारदर्शि‍ता आएगी.” वित्त मंत्री ने कहा कि इस साल राजकोषीय घाटा जीडीपी का 3.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है. अगले साल के लिए 3.5 प्रतिशत का लक्ष्य रखा गया है. अभी एलआईसी की पूरी हिस्सेदारी सरकार के पास है. Also Read - Who is Doomsday Man: कौन है अमेरिका का 'डूम्सडे मैन', जिससे हुई राहुल गांधी की तुलना, कांग्रेस ने वित्त मंत्री को दिया नोटिस