मुंबई: बंबई शेयर बाजार (Bombay Stock Market) का सेंसेक्स (Sensex) बुधवार को शुरुआती लाभ गंवाकर 208 अंक टूटकर पांच सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया. यह लगातार तीसरा कारोबारी सत्र है जब सेंसेक्स में गिरावट आई है. आम बजट से पहले निवेशक सतर्कता बरत रहे हैं जिससे बाजार नीचे आ रहा है. बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स दिन के उच्चस्तर से फिसलकर 473 अंक तक के नुकसान में आ गया था. अंत में सेंसेक्स 208.43 अंक या 0.50 प्रतिशत के नुकसान से 41,115.38 अंक पर बंद हुआ. यह इसका 16 दिसंबर के बाद से सबसे निचला स्तर है. कारोबार के दौरान इसने 41,532.29 अंक का उच्चस्तर और 41,059.04 अंक का निचला स्तर छुआ. Also Read - Petrol-Diesel Price Hike: सरकार को क्यों घटानी चाहिए पेट्रोल-डीज़ल की कीमतें? | Watch Video

इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 62.95 अंक या 0.52 प्रतिशत के नुकसान से 12,106.90 अंक पर बंद हुआ. ऊर्जा, वित्तीय और वाहन कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का सिलसिला चलने से बाजार में गिरावट रही. सेंसेक्स की कंपनियों में ओएनजीसी का शेयर सबसे अधिक 5.13 प्रतिशत टूटा. इसके बाद एनटीपीसी, मारुति, कोटक बैंक, एचडीएफसी, एशियन पेंट्स, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक के शेयर भी नुकसान में रहे. वहीं दूसरी ओर नेस्ले इंडिया, टीसीएस, इन्फोसिस, एचसीएल टेक, एसबीआई और भारती एयरटेल के शेयर 1.86 प्रतिशत तक चढ़ गए. विश्लेषकों का कहना है कि आम बजट से पहले ज्यादातर बड़े शेयर बिकवाली दबाव के चलते ‘सुधार’ प्रक्रिया में है. इसके अलावा वैश्विक एजेंसियों द्वारा भारत के वृद्धि अनुमान को घटाने और कंपनियों के तिमाही नतीजे उम्मीद के अनुकूल नहीं रहने की वजह से भी घरेलू निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है. बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप में 0.32 प्रतिशत तक की गिरावट आई. आशिका स्टॉक ब्रोकिंग के अध्यक्ष (इक्विटी रिसर्च) पारस बोथरा ने कहा कि घरेलू बाजार ऊंचा खुलने के बाद लाभ को कायम नहीं रख पाए. वित्तीय, वाहन, धातु और फार्मा कंपनियों के शेयरों में बिकवाली से बाजारों में गिरावट आई. हालांकि, एफएमसीजी और कुछ आईटी कंपनियों के शेयर लाभ में रहे. बजट से पहले अनिश्चितता की वजह से निवेशक सतर्क हैं. Also Read - GDP 3rd Quarter Results: देश की अर्थव्यवस्था ने 'मंदी' को पीछे छोड़ा, दिसंबर तिमाही में 0.4% बढ़ी इकोनॉमी

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उम्मीद से कमतर रहे आईटी और बैंकिंग कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजे
अमेरिका द्वारा एक नए विषाणु की घोषणा के बाद भी बाजार धारणा पर असर पड़ा है. इसकी वजह से चीन में छह लोगों की जान गई है. जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि एनपीए और मुनाफे के मामले में उम्मीद से कम गिरावट को देखते हुये बैंक, वाहन और मिडकैप कंपनियों के शेयर उचित स्तर पर स्थिर हो रहे हैं. आईटी और बैंकिंग कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजे उम्मीद से कमतर रहे हैं. इससे बाजार पर असर पड़ रहा है. बहुत कुछ बजट में होने वाली वास्तविक घोषणाओं पर निर्भर करेगा. उससे पहले निवेशक सतर्क हैं. अन्य एशियाई बाजारों में चीन का शंघाई, हांगकांग का हैंगसेंग, जापान का निक्की और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी लाभ में रहे. शुरुआती कारोबार में यूरोपीय बाजार भी लाभ में रहे. ब्रेंट कच्चा तेल वायदा 0.67 प्रतिशत के नुकसान से 64.16 डॉलर प्रति बैरल पर चल रहा था. अंतर बैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपया दो पैसे की बढ़त के साथ 71.19 प्रति डॉलर पर पहुंच गया.