नई दिल्ली: साल 2019 खत्म होने वाला है. इसी के साथ नया चालू होगा और नए साल के साथ नए वित्त वर्ष की शुरुआत होगी. ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार 1 फरवरी को देश का आम बजट पेश कर सकती है. ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि अगले आम बजट में सरकार मिडिल क्लास को राहत देने की योजना पर काम कर रही है.

गौरतलब है कि देश फिलहाल आर्थिक सुस्ती के दौर से गुजर रहा है. आरबीआई ने बीते दिनों जीडीपी ग्रोथ रेट में कटौती भी की थी. बीते 6 महीने से देश की जीडीपी के आंकड़ों में गिरावट जारी है. ऐसे में सरकार इन दिनों देश के मिडिल क्लास को राहत देने की योजना पर काम कर रही है. खबरों के मुताबिक, मोदी सरकार मध्यम वर्गीय परिवारों को टैक्स में छूट देने की योजना बना रही है. सरकार इन दिनों डिमांड और अर्थव्यवस्था में सुधार लाने के लिए पर्सनल इनकम टैक्स रीजनिंग पर काम कर रही है.

बीते दिनों देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी टैक्स में कटौती को लेकर संकेत दिया था. एक कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री ने कहा था कि देश की अर्थव्यवस्था को ठीक करने के लिए इनकम टैक्स की दरों को तर्कसंगत बनाने व कुछ अन्य उपायों पर फिलहाल काम किया जा रहा है. बता दें कि सरकार द्वारा अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए इनकम टैक्स की दरों में बदलाव किया जा रहा है. इसी साल सितंबर महीने से सरकार ने कॉरपोरेट टैक्स में भी कमी लाने का फैसला किया था. खबरों के मुताबिक- न्यू डायरेक्ट टैक्स कोड को लेकर एक कमेटी का गठन किया गया था. कमेटी ने अपनी रिपोर्ट अगस्त महीने में जमा की थी. कमेटी ने भी व्यक्तिगत इनकम टैक्स में छूट देने की सिफारिश की थी. इस सिफारिश पर मंत्रालय फिलहाल विचार कर रहा है.

खबरों के मुताबिक- सरकार व्यक्तिगत इनकम टैक्स दर में बदलाव कर सकती है. इसका ऐलान 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट में किया जा सकता है. खबरों के अनुसार नए टैक्स स्लैब में 2.5 लाख से 10 लाख रुपये के बीच की इनकम टैक्स रेट को 10 फीसदी कर सकती है. वहीं 10 लाख से 20 लाख तक की इनकम पर टैक्स रेट घटाकर 20 फीसदी तक किया जा सकता है.