केरल के वित्तमंत्री टी एम थॉमस इसाक ने शुक्रवार को 2021-22 के लिए राज्य के पेश बजट में कल्याणकारी पेंशन में वृद्धि और कई राहत उपायों का प्रस्ताव किया.Also Read - Adani Wilmer IPO: आज खुल रहा है अडानी विल्मर आईपीओ, निवेश करने से पहले जानें मुख्य बातें

इस बार बजट की घोषणाओं का खासा महत्व है क्योंकि राज्य में कुछ महीने बाद विधानसभा चुनाव होगा. एलडीएफ सरकार का यह अंतिम बजट है. Also Read - Engineering Export Goods: भारत के इंजीनियरिंग सामानों का निर्यात 54 फीसदी बढ़ा

इसाक ने पूर्ण बजट पेश किया है लेकिन सदन सिर्फ चार महीने के लिए लेखानुदान को ही पारित करेगा क्योंकि मौजूदा सरकार का कार्यकाल जल्द ही खत्म हो जाएगा. Also Read - Market LIVE: लिस्टिंग के बाद से सबसे निचले स्तर पर पहुंचे Zomato के शेयर, Paytm 57% नीचे

कोविड-19 से निपटने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि बजट में कोविड-19 के बाद के केरल में विकास और प्राथमिकताओं का खाका पेश किया गया है.

मंत्री ने कहा लगातार दो बार आई बाढ और फिर महामारी की स्थिति का सरकार ने कुशलता से सामना किया. मंत्री ने कहा, ‘‘वामपंथी सरकार ने सुनिश्चित किया कि महामारी के दौरान कोई भी भूखा ना रहे। लोगों में भरोसा बहाल किया गया.

उन्होंने कहा कि लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए विभिन्न कल्याणकारी पेंशन की राशि भी बढ़ाकर 1600 रुपये कर दी गयी है. वर्तमान में यह राशि 1500 रुपये है.

मंत्री ने कहा कि 4,830 किलोमीटर की सड़क की मरम्मत का काम किया जाएगा. किसानों के लिए रबड़ की कीमतों, धान, नारियल के खरीद मूल्य में भी बढोतरी की गयी है.

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में कुल 4,000 नए पद सृजित किए जाएंगे, कौशल अभियान के तहत 50 लाख युवाओं के हुनर को बढ़ाया जाएगा, गरीब परिवारों को रियायती दर पर लैपटॉप दिए जााएंगे.

इसाक ने केंद्र के तीन विवादित कृषि कानूनों की आलोचना की और कहा कि केंद्र सरकार ‘‘नव उदारवादी’’ नीतियां लागू कर रही है.

[PTI Hindi]