Budget 2021: रत्न एवं आभूषण उद्योग ने आगामी बजट में सोने पर सीमा शुल्क घटाकर चार फीसदी करने की मांग की है. उद्योग ने स्रोत पर एकत्र किये गये कर (TCS) को वापस लिये जाने और पॉलिश किए बहुमूल्य एवं अर्द्ध-मूल्यवान रत्नों पर भी आयात शुल्क घटाने की मांग की है.Also Read - सीमा शुल्क मामलों में सहयोग से संबंधित भारत और स्पेन के बीच समझौते को मंजूरी

अखिल भारतीय रत्न एवं आभूषण परिषद (GJC) के अध्यक्ष आशीष पेठे ने कहा कि हम सरकार से सोने पर सीमा शुल्क को मौजूदा 12.5 फीसदी से घटाकर चार फीसदी करने का आग्रह करते हैं. यदि टैक्स की दर को इस स्तर पर नहीं रखा जाता है, तो यह तस्करी को बढ़ावा देगा और लोगों को असंगठित व्यापार के लिए प्रोत्साहित करेगा. उन्होंने सरकार से एचसीएन -71 (हार्मोनाइज्ड सिस्टम नोमेनक्लेचर) के तहत आने वाली जिसों को टीसीएस प्रावधानों के दायरे से बाहर रखने का आग्रह किया है. उनका कहना है कि टीसीएस में अवरुद्ध धनराशि आयकर का भुगतान करने की क्षमता से 6.67 गुना अधिक है. Also Read - Xiaomi India को सरकार ने 653 करोड़ रुपये की आयात शुल्क चोरी को लेकर भेजा नोटिस; जानें पूरा मामला

पेठे ने यह भी कहा कि रत्नों और आभूषण उद्योग के लिए कर्ज पर समान मासिक किस्त (ईएमआई) की सुविधा दी जानी चाहिए और नकद खरीद की सीमा को मौजूदा 10,000 रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये करना चाहिए. Also Read - Edible Oil Price: खाद्य तेलों के थोक मूल्य 5 रुपये प्रति किलो कम होंगे: SEA

रत्न और आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (JJEPC) के अध्यक्ष कॉलिन शाह ने सरकार से आग्रह किया है कि वह कीमती और अर्ध-कीमती रत्नों पर आयात शुल्क घटाकर 2.5 फीसदी करें, जो अभी 7.5 फीसदी है. अपनी बजट सिफारिशों में, जीजेईपीसी ने सिंथेटिक रूप से तराशे और पॉलिश किए गए रत्नों पर सीमा शुल्क को पांच फीसदी से बढ़ाकर 25 फीसदी करने का भी सुझाव दिया है.

(With PTI Input)