Budget 2022: केंद्रीय बजट एक वित्तीय वर्ष के लिए सरकार के राजस्व और व्यय का खाका होता है, जो एक वर्ष के 1 अप्रैल से शुरू होकर अगले वर्ष के 31 मार्च तक होता है. इसे फरवरी के महीने के दौरान प्रस्तुत किया जाता है ताकि इसे नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत से पहले अमल में लाया जा सके.Also Read - Budget 2022: सैलरीड क्लास और मध्यम वर्ग के लोगों की मांग, बुनियादी छूट की सीमा बढ़ाए सरकार

राष्ट्रपति प्रत्येक अगले वर्ष संसद का बजट सत्र बुलाते हैं. Also Read - Railway Budget 2022: रेलवे को मिल सकता है ज्यादा आवंटन, नए वैगनों और हाइपलूप के उपयोग के प्रावधान का विस्तार भी संभव

भारत में, संसद प्रत्येक वर्ष तीन सत्र आयोजित करती है: बजट सत्र: जनवरी/फरवरी से मई. मानसून सत्र: जुलाई से अगस्त/सितंबर. शीतकालीन सत्र: नवंबर से दिसंबर. Also Read - Budget सत्र के पहले चरण में दोनों सदनों की बैठकें अलग-अलग समय पर होंगी, राष्ट्रपति का संबोधन 31 जनवरी को

इन अनुमानों के आधार पर, बजटों को तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है-संतुलित बजट, अधिशेष बजट और घाटे का बजट.

बजट कब जारी किया जाता है?

भारत का केंद्रीय बजट, जिसे भारत के संविधान के अनुच्छेद 112 में वार्षिक वित्तीय विवरण के रूप में भी जाना जाता है, भारत गणराज्य का वार्षिक बजट है. सरकार इसे फरवरी के पहले दिन पेश करती है ताकि अप्रैल में नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत से पहले इसे अमल में लाया जा सके.

क्या होता है बजट सत्र?

विधायिका के अनुमोदन के लिए बजट तैयार करना और प्रस्तुत करना केंद्र और राज्यों दोनों में सरकार की ओर से एक संवैधानिक दायित्व है. संसद का बजट सत्र आम तौर पर फरवरी से मई तक आयोजित किया जाता है.