Budget 2025: किसानों को मिल सकती है बड़ी राहत, KCC की सीमा बढ़ाने पर हो सकता है फैसला

Budget 2025: बजट 2025 में सरकार किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की कर्ज सीमा 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर सकती है. यह कदम किसानों की वित्तीय जरूरतें पूरी करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा.

Published date india.com Published: January 15, 2025 2:03 PM IST
Budget 2025: किसानों को मिल सकती है बड़ी राहत, KCC की सीमा बढ़ाने पर हो सकता है फैसला

Union Budget: 1 फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट 2025-26 में सरकार किसानों के लिए बड़े फैसले कर सकती है. उम्मीद है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की कर्ज सीमा को 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने की घोषणा करेंगी. यह कदम किसानों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया जा सकता है.

कर्ज सीमा बढ़ने से होगा फायदा

KCC पर वर्तमान में अधिकतम कर्ज सीमा 3 लाख रुपये है, जो लंबे समय से नहीं बदली गई. किसान संगठन इस सीमा को बढ़ाने की मांग कर रहे थे. अगर यह सीमा 5 लाख रुपये तक बढ़ाई जाती है, तो किसान कम ब्याज दरों पर ज्यादा कर्ज ले पाएंगे. इससे न केवल उनकी आय बढ़ेगी, बल्कि उनकी वित्तीय स्थिति भी मजबूत होगी.

फसल बीमा योजना में भी सुधार संभव

बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को भी अधिक प्रभावी बनाने पर विचार कर रही है. मुआवजे की प्रक्रिया को तेज और सरल बनाने के लिए राज्य सरकारों की भूमिका को सीमित किया जा सकता है. इससे किसानों को नुकसान की स्थिति में जल्दी राहत मिल सकेगी.

1998 में शुरू हुई थी KCC योजना

किसान क्रेडिट कार्ड योजना 1998 में शुरू की गई थी. इसके तहत किसानों को अल्पकालिक फसल ऋण 9% ब्याज दर पर दिया जाता है. सरकार 2% ब्याज छूट देती है और समय पर कर्ज चुकाने पर 3% की अतिरिक्त छूट मिलती है. इस तरह किसान केवल 4% ब्याज दर पर कर्ज ले सकते हैं. 30 जून 2023 तक, इस योजना के तहत 7.4 करोड़ से अधिक सक्रिय खातों पर 8.9 लाख करोड़ रुपये का बकाया था.

छोटे किसानों और अन्य वर्गों को लाभ

नाबार्ड के चेयरमैन शाजी केवी ने बताया कि KCC योजना छोटे और सीमांत किसानों के साथ-साथ पशुपालन और मत्स्यपालन जैसी गतिविधियों में लगे लोगों को भी वित्तीय सहायता देने के लिए है. नाबार्ड राज्य सरकारों को प्रोत्साहित कर रहा है कि वे अधिक से अधिक मत्स्यपालकों का पंजीकरण कराएं, ताकि उन्हें भी सस्ती दरों पर कर्ज मिल सके.

खेती की लागत बढ़ने से था दबाव

विशेषज्ञों के अनुसार, खेती की बढ़ती लागत के बावजूद KCC की सीमा कई सालों से नहीं बढ़ाई गई. इस बदलाव से किसान अपनी वित्तीय जरूरतें पूरी कर पाएंगे. साथ ही, बैंकिंग प्रणाली का जोखिम भी कम होगा.

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ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

यह कदम ग्रामीण मांग को बढ़ाने और किसानों की आय में सुधार का जरिया बन सकता है. यदि सरकार यह घोषणा करती है, तो यह बजट किसानों के लिए बड़ी राहत साबित होगा.

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