Budget 2025: आवासीय बाजार में मंदी, सरकार से नीतिगत समर्थन की दरकार

Budget 2025: 2024 में भारतीय आवास बाजार में पहली बार गिरावट दर्ज हुई, जबकि लक्जरी घरों की मांग बढ़ी. रियल एस्टेट उद्योग आयकर छूट बढ़ाने और बजट में नीतिगत समर्थन से सुधार की उम्मीद कर रहा है.

Published date india.com Published: December 30, 2024 4:18 PM IST
email india.com By Manoj Yadav email india.com | Edited by Manoj Yadav email india.com
Budget 2025: आवासीय बाजार में मंदी, सरकार से नीतिगत समर्थन की दरकार

Budget 2025: 2024 में भारतीय आवास बाजार में महामारी के बाद पहली बार गिरावट दर्ज की गई. नए घरों की बिक्री में 4% की कमी हुई. इसकी मुख्य वजहें आवास कीमतों में तेजी और होम लोन की बढ़ी हुई दरें रहीं. इससे मध्यम और किफायती आवास क्षेत्र प्रभावित हुआ.

लक्जरी घरों की बढ़ी मांग

हालांकि, लक्जरी घरों की बिक्री और निर्माण में तेजी देखी गई. संपत्ति सलाहकार एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी के मुताबिक, लक्जरी फ्लैट, विला और पेंटहाउस में अमीर घर खरीदारों की रुचि लगातार बनी रही. प्रमुख रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ लिमिटेड ने गुरुग्राम में सुपर लक्जरी परियोजना ‘द डहलियाज’ पेश की, जिसकी अनुमानित कीमत 26,000 करोड़ रुपये है.

पिछले सालों की तुलना में सुस्त रफ्तार

2020 में 47% की गिरावट के बाद, 2021, 2022 और 2023 में आवासीय बाजार ने तेज वृद्धि दर्ज की. लेकिन 2024 में पिछले उच्च आधार और सप्लाई की कमी के कारण रफ्तार धीमी पड़ गई. एनारॉक के आंकड़ों के अनुसार, 2023 में घरों की बिक्री में 31% वृद्धि हुई थी, लेकिन इस साल यह गिरावट की ओर मुड़ी.

आयकर में छूट बढ़ाने की मांग

रियल एस्टेट कंपनियां सरकार से आयकर अधिनियम के तहत होम लोन पर ब्याज कटौती की सीमा बढ़ाने की मांग कर रही हैं. उनका मानना है कि इससे घर खरीदारों को प्रोत्साहन मिलेगा और बिक्री में इजाफा होगा.

औद्योगिक और ऑफिस स्पेस की बढ़ी मांग

जहां आवासीय बाजार धीमा रहा, वहीं औद्योगिक और लॉजिस्टिक क्षेत्र में उछाल जारी रहा. ई-कॉमर्स और मेक इन इंडिया जैसी पहलों से इस क्षेत्र में निवेश बढ़ा. ऑफिस स्पेस की मांग भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची, जिससे कोवर्किंग कंपनियां आईपीओ लॉन्च करने की तैयारी कर रही हैं.

आगे की उम्मीदें

क्रेडाई के राष्ट्रीय अध्यक्ष बोमन ईरानी ने कहा कि उपभोक्ताओं की रुचि घर खरीदने की ओर बढ़ी है. बेहतर जीवनशैली की चाहत और बड़े घरों की मांग इस बदलाव के प्रमुख कारण हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी बजट रियल एस्टेट सेक्टर के लिए राहत लेकर आएगा.

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नजरें बजट पर

रियल एस्टेट उद्योग की उम्मीदें अब सरकार के आगामी बजट पर टिकी हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि नीतिगत समर्थन से बाजार में नई जान आएगी. किफायती और मध्यम वर्गीय आवास खंड में सुधार से सेक्टर को नई दिशा मिल सकती है.

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