नई दिल्ली: रेटिंग एजेंसी मूडीज ने वित्त वर्ष 2019-20 के अंतरिम बजट को साख की दृष्टि से नकारात्मक बताया है. मूडीज ने कहा कि लगातार चार वर्षों तक राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को नहीं पाना साख की दृष्टि से नकारात्मक है. वैश्विक रेटिंग एजेंसी ने संदेह जताया है कि इससे वित्त वर्ष 2019-20 में भी सरकार के लिए राजकोषीय घाटे के 3.4 प्रतिशत के लक्ष्य को पाना मुश्किल होगा. Also Read - PM Kisan Yojana: 14 मई को आएगी पीएम किसान की 8वीं किस्त, लिस्ट में ऐसे देखें अपना नाम

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मूडीज ने कहा कि अंतरिम बजट में राजस्व बढ़ाने के बारे में नई नीतियों का अभाव है. हालांकि, कई ऐसे उपायों की घोषणा की गई है जिससे खर्च बढ़ेगा. हालांकि, इन उपायों से उपभोग तो बढ़ेगा लेकिन इससे राजकोषीय बोझ भी बढ़ेगा. बजट में अनुमान लगाया गया है कि चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा 3.4 प्रतिशत रहेगा, जबकि लक्ष्य 3.3 प्रतिशत का था.

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मूडीज ने कहा कि पिछले दो साल में बजट के राजकोषीय घाटे के लक्ष्य से चूक के बाद हमारा अनुमान है कि मार्च, 2020 में समाप्त वित्त वर्ष में भी सरकार को राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को पाने में चुनौतियां का सामना करना पड़ेगा जो मध्यम अवधि के राजकोषीय मजबूती के रुख की दृष्टि से अच्छा नहीं है. अंतरिम बजट पर अपने त्वरित नोट में एजेंसी ने कहा कि हमारा मानना है कि लगातार राजकोषीय घाटे के लक्ष्य से चूकना साख यानी सॉवरेन रेटिंग की दृष्टि से अच्छा नहीं है.