नई दिल्लीः वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को बजट पेश करते हुए कहा कि भारत 2022 में जी-20 प्रेसीडेंसी की मेजबानी करेगा और सरकार ने इसके ऐतिहासिक आयोजन की तैयारी के लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. जी-20 के मंच पर भारत अपना वैश्विक आर्थिक एजेंडा चलाएगा. Also Read - Post Office Saving Account: पोस्ट ऑफिस बचत खाते को लेकर आई बड़ी खबर, अब घटकर आधी हो गई पेनाल्टी

जी-20 दो देशों का एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन है, जिसमें अर्जेटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, यूरोपीय संघ (ईयू), फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, मेक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, तुर्की, इंग्लैंड और अमेरिका हैं. इसे विभिन्न उद्योगपतियों और उभरती अर्थव्यवस्थाओं को एक साझा मंच प्रदान करने के लिए गठित किया गया था, जिसपर वे अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक तथा वित्तीय स्थिरता पर चर्चा कर सकें. Also Read - Nationwide Lockdown Latest Updates: क्या पूरे देश में फिर लगेगा लॉकडाउन? जानें केंद्रीय मंत्री ने क्या कहा...

Union Budget 2020: कमजोर वर्गों के छात्रों के लिए ऑनलाइन डिग्री कोर्स, जल्द आएगी नई शिक्षा नीति Also Read - वित्त वर्ष 2020-21 में अप्रत्यक्ष कर संग्रह 12 प्रतिशत बढ़कर 10.71 लाख करोड़ रुपये हुआ

भारत 2022 में जी-20 प्रेसीडेंसी की मेजबानी कर रहा है तो उम्मीद की जा रही है कि वैश्विक आर्थिक एजेंडा चलाने में यह एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. वैश्विक नेताओं की यह बैठक आम तौर पर वित्त तथा व्यापारिक मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गर्वनर की मंत्रिस्तरीय बैठक से पहले होती है. बैठक में वैश्विक नेताओं को चर्चा करने के लिए आर्थिक एजेंडा बनाया जाता है. वैश्विक आर्थिक एजेंडा में अपने कदम जमाने के लिए भारत वर्ष 2022 में यह अवसर भुनाना चाहेगा.