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सस्ते में सोना खरीदने का शानदार मौका, इस स्कीम के तहत मार्केट रेट से कम में खरीदें सोना, जानिए- क्या है तरीका?
सोने में निवेश के इच्छुक निवेशकों के लिए भारत सरकार ने सस्ते में सोना खरीदने का शानदार मौका दिया है. इस स्कीम के तहत मार्केट रेट से कम में सोना खरीद सकते हैं.
जो लोग सोने में निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए सरकार ने गोल्ड बांड खरीदने का मौका दिया है. वित्त वर्ष 2021-22 के लिए सरकार की तरफ से यह योजना शुरू की गई है. ऐसी स्थिति में स्टेट बैंक के ग्राहकों को भी सस्ते में सोना खरीदने का मौका मिल रहा है.
इस स्कीम के तहत आप 4777 रुपये प्रति 10 ग्राम की दर से सोने की खरीद कर सकते हैं. प्रति 10 ग्राम के लिए आपको 47,770 रुपये देने होंगे. अगर आप गोल्ड बांड ऑनलाइन खरीदते हैं तो सरकार उस पर 50 रुपये प्रति ग्राम पर और छूट दे रही है.
सॉवरेन गोल्ड बांड की स्कीम की पहली इन्स्टालमेंट 2015 में आई थी. यह मई 2021 तक जारी रहेगी. इस साल सरकार की तरफ से सॉवरेन गोल्ड बांड के लिए 6 इन्स्टालमेंट जारी किए जाएंगे. सॉवरेन गोल्ड बांड के लिए पहली किस्त नवंबर 2015 में शुरू की गई थी. इस स्कीम के तहत आरबीआई के जरिए लाया गया था, जो भारत सरकार की सलाह पर किया गया था. इसके लिए आरबीआई की तरफ से समय-समय पर नोटिफिकेशन जारी किया जाता है.
क्या है इसकी खासियत?
भारत सरकार की तरफ से इसे आरबीआई द्वारा जारी किया जाता है. इसे एक ग्राम के गुणक में जारी किया जाता है. इस स्कीम की अवधि 8 साल की होगी. 5वें, 6ठें और सातवें साल में ब्याज के पेमेंट के लिए निकाला जा सकता है. इस स्कीम में कम से कम 1 ग्राम के लिए निवेश किया जा सकता है. किसी एक व्यक्ति के लिए इसकी सीमा 4 किलो तक है. वहीं, ट्रस्ट के लिए इसकी सीमा 20 किलो तक है. इसके लिए यह सीमा हर साल के लि तय की गई है. इसके बारे में बैंक द्वारा अधिसूचना जारी की जाती है.
कैसे तय की जाती है कीमत?
इंडिया बुलियन ज्वैलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट पर लगातार तीन दिन के भावों को देखकर यह तय किया जाता है कि गोल्ड बांड का रेट क्या होना चाहिए? बांड का भुगतान कैश (जिसकी सीमा 20000 रुपये होती है) या डिमांड ड्राफ्ट या इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग के जरिए किया जा सकता है. इसके लिए निवेशकों को होल्डिंग सर्टिफिकेट जारी किया जाता है. इसे डिमैट में भी कन्वर्ट किया जा सकता है.
किस तरह से मिलता है ब्याज?
इसकी कीमत लगातार तीन दिनों तक इंडिया बुलियन ज्वैलर्स द्वारा जारी किए गए भावों को देखकर किया जाता है. इसकी शुद्धता 999 होती है. एसबीआई की सभी शाखाओं को गोल्ड बांड में निवेश के लिए अधिकृत किया गया है. निवेशकों को सालाना 2.5 फीसदी का तय ब्याज दिया जाता है. इसका भुगतान छमाही आधार पर किया जाता है.
लोन के लिए भी कर सकते हैं इस्तेमाल
गोल्ड बांड का इस्तेमाल लोन के लिए भी किया जा सकता है. रिजर्व बैंक द्वारा समय-समय पर जारी किए गए दिशानिर्देशों के मुताबिक, इसकी वैल्यू तय की जाती है.
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