भारत के सबसे बड़े ऑनलाइन-शिक्षा स्टार्टअप बायजूस ने 1 बिलियन डॉलर के लिए ब्रिक और मोर्टार टेस्ट प्रीप लीडर आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड का अधिग्रहण करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किया है.Also Read - Railtel Earning: कोरोना महामारी के बावजूद रेलटेल को हुआ जबरदस्त मुनाफा, आमदनी 21 फीसदी बढ़ी

ब्लूमबर्ग के हवाले से इकोनॉमिक टाइम्स में प्रकाशित खबर के मुताबिक, दुनिया के सबसे बड़े एडटेक अधिग्रहणों में से यह डील एक है. यह सौदा अगले दो या तीन महीनों में पूरा हो जाएगा. डील से जुड़े हुए एक शख्स ने इस बात की जानकारी दी है, जिसने अपना नाम नहीं प्रकाशित करने का अनुरोध किया. Also Read - Indian Railways: रेलवे ने कोरोना महामारी में तत्काल टिकट बुकिंग से कमाए 403 करोड़ रुपये

बंगलौर स्थित बायजूस की कीमत लगभग 12 बिलियन डॉलर है और यह अभी फंड जुटाने के प्रसास में लगा है, क्योंकि महामारी ने इसके ऑनलाइन पठन-पाठन की मांग बढ़ा दी है. भारत का दूसरा सबसे मूल्यवान स्टार्टअप फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग के चैन जुकरबर्ग इनिशिएटिव, टाइगर ग्लोबल मैनेजमेंट और बॉन्ड कैपिटल द्वारा यह समर्थित है. सिलिकॉन वैली निवेशक मैरी मीकर इसकी सह-संस्थापक हैं. Also Read - त्योहारी सीजन में खूब छलकेगा जाम, शराब की बिक्री करने वाली कंपनी ने 1,000 करोड़ का रखा लक्ष्य

नई दिल्ली स्थित आकाश एजुकेशनल सर्विसेज को ईमेल और कॉल करने के बावजूद बायजू के प्रवक्ता ने इस पर किसी टिप्पणी करने से मना कर दिया और इसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी आकाश चौधरी ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.

ब्लैकस्टोन समूह द्वारा समर्थित आकाश एजुकेशनल सर्विसेज आकाश इंस्टीट्यूट चलाती है, जिसमें देश के कुलीन इंजीनियरिंग और मेडिकल स्कूलों में प्रवेश पाने के लिए 200 से अधिक ब्रिक और मोर्टार केंद्र और ट्यूटर छात्र हैं. इसकी वेबसाइट के अनुसार इसकी छात्र संख्या 250,000 से अधिक है.

चंकि, महामारी के दौरान ऑनलाइन एजुकेशन देने वाले स्टार्टअप ने काफी बढ़े हैं. वहीं, ऑफ़लाइन ट्यूशन केंद्र इससे बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं, जिसकी वजह से पिछले साल मार्च से स्कूलों और ट्यूशन केंद्र बंद पड़े हैं.

जानकारी देने वाले शख्स ने बताया कि बायजू के सौदे के मूर्त रूप लेने के बाद, आकाश का संस्थापक, चौधरी परिवार, पूरी तरह से बाहर निकल जाएगा, जबकि ब्लैकस्टोन अपनी 37.5 फीसदी इक्विटी के एक हिस्से को बायजू की हिस्सेदारी के लिए आकाश में स्वैप कर देगा.

बायजू (Byju) की स्थापना बायजू रविंद्रन (Byju Raveendran) द्वारा की गई थी, जो एक पूर्व शिक्षक बेटे हैं, जिन्होंने 2011 में स्मार्टफोन ऐप की कल्पना की थी. यह ऐप किंडरगार्टन से 12 वीं कक्षा तक के छात्रों की जरूरतों को पूरा करता है, और इससे हर महीने 5 मिलियन से अधिक उपयोगकर्ता जुड़ते हैं. के -12 ग्रेड में भारत के लगभग 250 मिलियन छात्र हैं. एप्लिकेशन वीडियो एनिमेशन और गेम के माध्यम से गणित और विज्ञान में शिक्षा प्रदान करता है.

देश भर के 1,700 से अधिक शहरों से 70 मिलियन से अधिक उपयोगकर्ताओं ने लॉग इन किया, बायजू ने पिछले सितंबर में फंड जुटाने की घोषणा की. इनमें से 4.5 मिलियन से अधिक भुगतान करने वाले उपयोगकर्ता हैं. मार्च 2021 में समाप्त होने वाले चालू वित्त वर्ष में इसका राजस्व दोगुना बढ़कर 1 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया.