नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को यस बैंक की पुनर्गठन योजना को मंजूरी दे दी. रिजर्व बैंक द्वारा प्रस्तावित इस योजना के तहत भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) यस बैंक की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि मंत्रिमंडल ने रिजर्व बैंक द्वारा सुझायी गई यस बैंक की पुनर्गठन योजना को मंजूरी दे दी है. Also Read - कोरोना महामारी के कारण SBI Clerk की मुख्य परीक्षा हुई स्थगित

सीतारमण ने पुनर्गठन योजना की जानकारी देते हुए कहा कि एसबीआई यस बैंक में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगा. बाकी अन्य निवेशकों को भी आमंत्रित किया जाएगा. Also Read - Coronavirus: EMI भुगतान के SMS से कर्जदारों में तीन महीने की मोहलत को लेकर भ्रम

सीतारमण ने कहा कि हर निवेशक पर तीन साल तक शेयरों की खरीद-बिक्री पर रोक रहेगी. एसबीआई के मामले में वह अपनी हिस्सेदारी को तीन साल तक 26 प्रतिशत से कम नहीं कर सकेगा. Also Read - SBI के 2,56,000 कर्मचारी 2 दिन की सैलरी से PM CARES Fund में 100 करोड़ रुपए दान देंगे

रिजर्व बैंक ने पांच मार्च को यस बैंक पर रोक लगायी थी. साथ ही ग्राहकों के लिए 50,000 रुपये तक निकासी सीमा तय की थी. यह रोक तीन अप्रैल तक के लिए लगायी गयी है. इसके अलावा केंद्रीय बैंक ने एसबीआई के पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी प्रशांत कुमार को यस बैंक का प्रशासक नियुक्त किया था.

वित्त मंत्री ने कहा कि यस बैंक की अधिकृत पूंजी 1,100 करोड़ रुपए से बढ़कर 6,200 करोड़ रुपये हो जाएगी. इस पुनर्गठन योजना को खाताधारकों के हितों की रक्षा को ध्यान में रखकर मंजूर किया गया है. यह यस बैंक और साथ-साथ पूरी वित्तीय प्रणाली को स्थिरता प्रदान करेगा.

पुनर्गठन योजना को अधिसूचित किए जाने के तीन दिन के भीतर यस बैंक पर लगी रोक को हटा लिया जाएगा. साथ ही इस अधिसूचना के सात दिन के भीतर निदेशक मंडल का गठन कर लिया जाएगा. गुरुवार को एसबीआई ने यस बैंक में 7,250 करोड़ रुपए निवेश करने की मंजूरी दी थी. यह उसकी शुरुआती 2,450 करोड़ रुपए निवेश की योजना से बहुत अधिक है.