बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (Sebi) के अध्यक्ष अजय त्यागी ने बुधवार को कहा कि गैर-बैंकिंग वित्तीय मध्यस्थता का एक बड़ा हिस्सा पूंजी बाजार के माध्यम से हो रहा है और आगे जाकर वह देश के आर्थिक विकास में एक बड़ी भूमिका निभाएगा. उन्होंने कहा, आगे बढ़ते हुए, पूंजी बाजार आर्थिक विकास के वित्तपोषण में एक बड़ी भूमिका निभाने जा रहे हैं.Also Read - सेबी ने आईपीओ के लिए खुलासा नियमों को किया सख्त, कई नियमों में बदलावों को मंजूरी

फिक्की द्वारा आयोजित 18वें वार्षिक पूंजी बाजार सम्मेलन को संबोधित करते हुए त्यागी ने कहा कि आगे सेबी के लिए फोकस क्षेत्र पूंजी बाजार की मजबूती को सुदृढ़ करने पर होगा. Also Read - गोल्ड प्लस ग्लास इंडस्ट्री, यूनिपार्ट्स इंडिया को आईपीओ के लिए सेबी की मंजूरी मिली

उन्होंने कहा, प्रतिभूति बाजार में तैनात घरेलू वित्तीय बचत बढ़ रही है और इसे बनाए रखने से पूंजी बाजार और अर्थव्यवस्था दोनों को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा. Also Read - Mankind Pharma IPO : मैनकाइंड फार्मा ने सेबी के पास दाखिल किए आईपीओ दस्तावेज

आईपीओ और फंड जुटाने पर उन्होंने कहा कि नए जमाने की टेक कंपनियों के आईपीओ की सफलता से अधिक फंड आकर्षित होंगे और उद्यमियों और निवेशकों का एक नया इको-सिस्टम बनाने में मदद मिलेगी.

सेबी प्रमुख ने कहा कि बड़ी कंपनियों के लिए आईपीओ लाने को आसान बनाने के लिए न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता के नियमों को संशोधित किया गया है. उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में इक्विटी के जरिये कोष जुटाने से जुड़े नियमों की समीक्षा पर जोर बना रहेगा. स्टार्टअप को सूचीबद्ध करने में सक्षम बनाने के लिए आईजीपी (इनोवेटर्स ग्रोथ प्लेटफॉर्म) ढांचे में और ढील दी गई है.

उन्होंने कहा कि बाजार को मजबूत करने के प्रयासों में नियामक सक्रिय है और कई सुधार पाइपलाइन में हैं.

सेबी प्रमुख ने कहा कि स्टार्ट-अप्स की लिस्टिंग के लिए एक अलग प्लेटफॉर्म इनोवेटर्स ग्रोथ प्लेटफॉर्म बनाया गया है.

उन्होंने कहा, सामाजिक क्षेत्र की फंड जुटाने की जरूरतों के लिए, हम सोशल स्टॉक एक्सचेंज नामक एक संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित करने की प्रक्रिया में हैं.

कॉर्पोरेट गवर्नेंस के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि जहां स्वतंत्र निदेशकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, वहीं अन्य निदेशकों को भी कंपनी प्रबंधन में अधिक सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए.

उन्होंने कहा कि कॉर्पोरेट गवर्नेंस मानकों में लगातार सुधार की जरूरत है और पारदर्शिता कंपनी के भीतर से ही आनी चाहिए.

त्यागी ने कहा, “मैं फिक्की से अपने सदस्यों के कॉर्पोरेट प्रशासन में सुधार के प्रयासों को आगे बढ़ाने का आग्रह करता हूं.”

वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड के एमडी और सीईओ विक्रम लिमये ने कहा कि आने वाले वर्षों में डिजिटल अपनाने और नए ग्राहकों को जोड़ना एक त्वरित गति से जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि सेबी लिस्टिंग के समय को और कम करने के लिए अन्य हितधारकों के साथ काम कर रहा है और इसके 2-3 दिनों तक कम होने की उम्मीद है.

इस दौरान फिक्की के अध्यक्ष उदय शंकर ने कहा कि महामारी के बावजूद पूंजी बाजार ने सुचारु रूप से काम किया और नए जमाने की कंपनियों की लिस्टिंग से बाजार में गहराई आई है.

उन्होंने कहा, “हमें लिस्टिंग प्रक्रिया के सरलीकरण की आवश्यकता है और डीलिस्टिंग के लिए एक कुशल प्रक्रिया भी बनानी चाहिए.”

(With IANS Inputs)