बाइक या कार के लिए कब नहीं करना चाहिए इंश्योरेंस क्लेम? जान लेंगे ये टिप्स तो होगा दोगुना फायदा

कार इंश्योरेंस एक ऐसा टूल है, जिसकी मदद से आप किसी एक्सीडेंट में खुद को फाइनेंशियल रिस्क से बचा सकते हैं. कई बार हम मामूली डैमेज के लिए भी इंश्योरेंस क्लेम कर देते हैं. हम यहां आपको इंश्योरेंस क्लेम करने को लेकर कुछ टिप्स बता रहे हैं, अगर आपने इन्हें फॉलो किया तो आपको पैसों का नुकसान नहीं होगा.

Published date india.com Published: October 8, 2025 7:20 PM IST
बाइक या कार के लिए कब नहीं करना चाहिए इंश्योरेंस क्लेम? जान लेंगे ये टिप्स तो होगा दोगुना फायदा
अगर एक्सीडेंट के दौरान आपके पास DL नहीं था, तो आप इंश्योरेंस क्लेम नहीं कर पाएंगे.

मोटर व्हीकल एक्ट 1988 के मुताबिक हर कार मालिक के पास अपनी कार का इंश्योरेंस होना चाहिए. इंश्योरेंस के बिना कार चलाना गैरकानूनी है. ऐसा करने पर भारी जुर्माना देना पड़ सकता है. यहां तक कि कार जब्त तक हो सकती है. कार इंश्योरेंस कराने में भले आपके हजारों रुपये एकमुश्त जा रहे हों, लेकिन आगे जाकर इसके कई फायदे मिलते हैं. कई बार हम मामूली डैमेज के लिए भी इंश्योरेंस क्लेम कर देते हैं. हम यहां आपको इंश्योरेंस क्लेम करने को लेकर कुछ टिप्स बता रहे हैं, अगर आपने इन्हें फॉलो किया तो आपको पैसों का नुकसान नहीं होगा.

1.जब डिडक्टबल वैल्यू डैमेज वैल्यू से ज्यादा हो
डिडक्टबल वो वैल्यू है,जो क्लेम के समय आपकी इंश्योरेंस कंपनी की ओर से बाकी की राशि का पेमेंट करने से पहले आपको अपनी जेब से देनी होती है. अगर डिडक्टबल वैल्यू डैमेज वैल्यू से ज्यादा है, तो आपको क्लेम नहीं करना चाहिए. क्योंकि ये क्लेम रिजेक्ट हो जाएगा.

2. मामूली डैमेज होने पर
अगर आपकी कार में बहुत मामूली डैमेज हुआ है, जैसे छोटे निशान, खरोंच या शीशे का टूटना तो मरम्मत की लागत बहुत ज्यादा नहीं होगी. ऐसे में आपको इंश्योरेंस क्लेम करने से बचना चाहिए. क्योंकि मरम्मत का खर्चा खुद करने से बाद में आपको इसका फायदा ही मिलेगा.

3. नो क्लेम बोनस बचाने के लिए
अगर आप इंश्योरेंस क्लेम नहीं करते हैं, तो अगले साल इंश्योरेंस प्रीमियम पर आपको नो क्लेम बोनस का बेनिफिट मिलेगा. ये बेनिफिट प्रीमियम पर 50% डिस्काउंट के तौर पर मिलेगा. इससे आपकी प्रीमियम रकम बहुत कम हो जाएगी.

4. नई गाड़ी के इंश्योरेंस प्रीमियर पर डिस्काउंट पाने के लिए
नो क्लेम बोनस ड्राइवर को मिलता है, गाड़ी को नहीं. ऐसे में अगर आप अगले साल अपनी गाड़ी बेचकर नई कार खरीदते हैं, तो भी आपको नई गाड़ी के इंश्योरेंस प्रीमियम पर नो क्लेम बोनस का फायदा मिलेगा.

Add India.com as a Preferred SourceAdd India.com as a Preferred Source

5.जब आपके पास सिर्फ थर्ड पार्टी कार इंश्योरेंस हो
अगर आपके पास सिर्फ थर्ड पार्टी का ही कार इंश्योरेंस है. इसके अलावा कोई कॉम्प्रेहेंसिव पॉलिसी या ओन डैमेज पॉलिसी नहीं है, तो आपको अपने व्हीकल को हुए डैमेज के लिए कोई क्लेम नहीं करना चाहिए. फुल कवरेज के लिए यह अच्छा रहेगा कि कॉम्प्रेहेंसिव पॉलिसी चुनी जाए.

6. जब थर्ड पार्टी की गलती से हो नुकसान
अगर आपकी कार को किसी और की गलती की वजह से नुकसान हो गया है, तो आप उनके लिए थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस का क्लेम कर सकते हैं. इस केस में जिस कार से नुकसान हुआ है, उसकी कंपनी आपको क्लेम देगी. ऐसे में आपको खुद के इंश्योरेंस को क्लेम करने की जरूरत नहीं होगी.

पहली बार कार इंश्योरेंस लेते समय इन बातों का रखें ध्यान

  • कंपनी पॉलिसी में इंश्योर्ड डिक्लेयर्ड वैल्यू (IDV) जरूर चेक करें. IDV के आधार पर ही कार चोरी होने पर बीमा कंपनी पूरा क्लेम देगी.
  • इंश्योरेंस प्लान चुनने से पहले अन्य इंश्योरेंस कंपनियों के प्लान से कंपेयर जरूर करें.
  • कंपनी का क्लेम सेटलमेंट रेशियो जरूर देखें. ये बताता है कि एक फाइनेंशियल ईयर में कंपनी ने कितने क्लेम सेटल किए हैं.
  • इंश्योरेंस कंपनी को हमेशा सही जानकारी दें. गलत जानकारी पर आपका इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट हो सकता है.
  • इंश्योरेंस पॉलिसी में क्या-क्या कवर होगा और क्या नहीं, इसे कंफर्म जरूर कर लें.

कौन-कौन सी चीजें इंश्योरेंस में कवर नहीं होती हैं?

आमतौर पर कार इंश्योरेंस लेते समय लोग पॉलिसी के पूरे दस्तावेजों को ध्यान से नहीं पढ़ते हैं. ये भी जानना जरूरी है कि व्हीकल इंश्योरेंस में कौन-कौन सी चीजें कवर नहीं होती:-

  • कार का इंजन, ट्रांसमिशन या इलेक्ट्रिक पार्ट में कोई खराबी आ जाए, तो इसके लिए इंश्योरेंस क्लेम नहीं कर सकते.
  • कार या बाइक के टायर घिस जाए या ब्रेक पैड्स घिसने लगे, तो इसका क्लेम नहीं मिलेगा.
  • अगर ड्रिंक एंड ड्राइव के दौरान एक्सीडेंट हो जाता है. गाड़ी डैमेज हो जाती है, तो आप इंश्योरेंस क्लेम नहीं कर सकते.
  • अगर एक्सीडेंट के दौरान आपके पास DL नहीं था, तो भी आप क्लेम नहीं कर पाएंगे.
  • अगर आपने इंश्योरेंस कंपनी को सूचना दिए बगैर व्हीकल में कोई मॉडिफिकेशन करा लिया, तो इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट होना तय है.
  • पॉलिसी की डेडलाइन खत्म हो जाए और इसे रिन्यू न कराया जा लेकिन क्लेम मांगा जाए, तो बिल्कुल नहीं मिलेगा.

Also Read:

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Business Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.