नई दिल्लीः बीमा क्षेत्र के नियामक इरडा ने चालू वित्त वर्ष के लिए कारों और दो पहिया वाहनों के तीसरे पक्ष के प्रीमियम में व्यापक वृद्धि किए जाने का प्रस्ताव किया है. भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) ने वर्ष 2019- 20 के लिये तीसरे पक्ष (टीपी) के मोटर बीमा प्रीमियम की दर बढ़ाने का प्रस्ताव किया है. इसके मुताबिक 1,000 सीसी से कम क्षमता वाली कारों का तीसरा पक्ष बीमा प्रीमियम मौजूदा 1,850 रुपये से बढ़ाकर 2,120 रुपये कर दिया जाना चाहिये.

इसी प्रकार 1,000 सीसी और 1,500 सीसी के बीच पड़ने वाली कारों के प्रीमियम को मौजूदा 2,863 रुपये से बढ़कर 3,300 रुपये करने का प्रस्ताव किया गया है. हालांकि,1,500 सीसी के इंजन से अधिक क्षमता वाली लक्जरी कारों के मामले में इसमें किसी तरह के बदलाव का प्रस्ताव नहीं किया गया है और यह मौजूदा 7,890 रुपये पर ही रखा जायेगा.

सामान्य तौर पर तीसरे पक्ष की प्रीमियम दर एक अप्रैल से संशोधित कर दी जाती है लेकिन इस बार कंपनी ने इसे अगला आदेश जारी होने तक पुरानी दरों में ही जारी रखने का फैसला किया था. अब नियामक ने तीसरे पक्ष के प्रीमियम के मामले में नई दरों का प्रस्ताव किया है. नियामक अब चालू वित्त वर्ष के दौरान तीसरे पक्ष के वास्ते नई प्रीमियम दरों के मसौदे के साथ आगे आया है. नई दरों पर उसने संबध पक्षों से 29 मई तक उनके सुझाव एवं टिप्पणियां आमंत्रित की हैं.

नये मसौदे के मुताबिक 75 सीसी से कम क्षमता वाले दोपहिया के लिये तीसरा पक्ष प्रीमियम 427 रुपये से बढ़ाकर 482 रुपये करने का प्रस्ताव है. इसके साथ ही 75 सीसी से लेकर 350 सीसी तक के लिये भी वृद्धि का प्रस्ताव किया गया है लेकिन 350 सीसी से अधिक की सुपरबाइक के मामले में किसी तरह के बदलाव का प्रस्ताव नहीं किया गया है.

इसके साथ ही नई कारों के मामले में एक बारगी तीन साल की प्रीमियम दर और नये दोपहिया के लिये पांच साल की प्रीमियम दर का प्रस्ताव किया गया है. बीमा नियामक ने निजी इस्तेमाल की इलेक्ट्रिक कारों और इलेक्ट्रिक दोपहिया कारों के मामले में तीसरा पक्ष मोटर बीमा प्रीमियम में 15 प्रतिशत रियायत का प्रस्ताव किया है. टैक्सी, बसों और ट्रक के मामले में भी दरें बढ़ाने का प्रस्ताव है. ट्रैक्टर मामले में भी प्रीमियम बढ़ सकता है.

(इनपुट-भाषा)