Car Scrapping Policy India: रोड ट्रांसपोर्ट और हाइवे सेक्रेटरी (Road Transport and Highway Secretary) गिरिधर अरामने ने बताया है कि सरकार पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की स्क्रैपिंग पर कुछ हफ्तों के अंदर इन्सेंटिव (Incentive) का ऐलान कर सकती है. यह इन्सेंटिव वॉलेंट्ररी वेहिकल स्क्रैपिंग पॉलिसी (Voluntary Scrapping Policy) का हिस्सा होगा. इस पॉलिसी का मकसद पुराने और अनफिट वाहनों को क्रमबद्ध तरीके से सड़क से बाहर करना है. Also Read - Private Banks Can Get Govt Business: अब कर संग्रह, पेंशन भुगतान और लघु बचत योजनाओं जैसे काम भी करेंगे निजी बैंक

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने बजट पेश करते समय इस पॉलिसी का जिक्र किया था जिसमें उन्होंने कहा था कि इस पॉलिसी से कम ईंधन खर्च वाले, वातावरण के अनुकूल (Environment-Friendly) वेहिकल के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा. जिससे वाहनों से होने वाले प्रदूषण में कमी आएगी और देश का ऑयल इंपोर्ट भी घटेगा. वाहनों को व्यक्तिगत वाहन होने की स्थिति में 20 साल बाद ऑटोमेटिक फिटनेस सेंटरो में फिटनेस टेस्ट करवाना होगा और कॉमर्शियल वाहन होने की स्थिति में खरीद की 15 साल के बाद इस प्रक्रिया से गुजरना होगा. Also Read - Share market LIVE : दिनभर जारी उतार-चढ़ाव के बीच हरे निशान में बंद हुए सेंसेक्स- निफ्टी

प्रस्तावित वेहिकल स्क्रैपेज पॉलिसी (Vehicle Scrappage Policy) के तहत सभी वाहनों को ऑटोमेटेड फिटनेस टेस्ट से गुजरना होगा. यह फिटनेस बिना किसी मैनुअल इंटरवेंशन (Manual Intervention) के होगा. जिससे कि यह तय किया जा सके कि यह टेस्ट मानव हस्तक्षेप के बिना किसी भष्ट्राचार के संपन्न किया जा सके. Also Read - RailTel IPO share allocation: रेलटेल आईपीओ के लिए किया है आवेदन तो यहां पर जानें कैसे चेक करें स्थिति?

रोड सेक्रेटरी (Road Secretary) ने आगे कहा कि स्क्रैपिंग पॉलिसी (Scrapping Policy) के इन्सेंटिव स्ट्रक्चर (Incentive Structure) पर काम हो रहा है. इसके लिए हम सभी स्टेकहोल्डरों से बात कर रहे हैं. हमारे मिनिस्टर इस बातचीत से निकले नतीजों का ऐलान अगले कुछ हफ्तों में करेंगे.

हालांकि, राज्य सरकारों द्वारा हाल ही में पुराने वाहनों के उपयोग हतोत्साहित करने के लिए कुछ नोटिफिकेशन जारी किए गए हैं. जिसमें ग्रीन टैक्स जैसे प्रावधान शामिल हैं. कई राज्य पहले से ही ग्रीन टैक्स लगा रहे है लेकिन वो बहुत ज्यादा प्रभावी नहीं है.

बता दें, वॉलेंट्री वेहिकल स्क्रैपेज पॉलिसी (Voluntary Vehicle Scrappage Policy) पर 5 साल से ज्यादा लंबे समय से बातचीत जारी है लेकिन इससे सरकार को होनेवाले राजस्व घाटे की संभावना को देखते हुए यह अलग-अलग स्तरों पर अटकता रहा है.

उन्होंने आगे कहा कि इस पॉलिसी का एक हिस्सा पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) में स्क्रैपिंग सेंटर बनाना है. जिसपर काम हो रहा है. इसमें सरकार की भूमिका सिर्फ सुविधा उपलब्ध कराने की होगी. सरकार का इनके रेग्यूलेशन और नियत्रंण में कोई दखल नहीं होगा. उन्होंने आगे कहा कि शिंपिग सेक्टर में पहले से ही काफी अच्छी स्क्रैपिंग सुविधा है, इसको देखते हुए हम ऑटोमोबाइल स्क्रैपिंग को शिपिंग स्क्रैपिंग से जोड़ने चाहते है और इसके लिए कोशिशें भी हो रही हैं.