नई दिल्ली: ईंधन की बढ़ती कीमतों और परिवहन लागत में वृद्धि के प्रभाव को कम करने के लिए अगले छह महीने में सीमेंट के दाम 10 प्रतिशत तक बढ़ सकते हैं. सीमेंट विनिर्माता संघ (सीएमए) के एक शीर्ष पदाधिकारी ने यह बात कही. सीएमए के अनुसार, 2018-19 की पहली छमाही में सीमेंट उद्योग में 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. 2009-10 के बाद पहली बार दहाई अंक में वृद्धि दर्ज की गई है. Also Read - Petrol Diesel Price: दो दिन पेट्रोल-डीजल में गिरावट के बाद आज नहीं बदले दाम, इतने रुपये में फुल होगी आपकी गाड़ी की टंकी

Also Read - Petrol Diesel Price Today 17th September: पेट्रोल-डीजल के दामों में आई गिरावट, तेल लेने से पहले जाने बाजार का भाव

भारतीय मुद्रा में सुव्यवस्थित अवमूल्यन प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देगी: विश्व बैंक Also Read - Petrol Diesel Price Today: 2 हफ्ते में 14 फीसदी सस्ता हुआ कच्चा तेल, जानें पेट्रोल-डीजल की ताजा कीमत

ईंधन की बढ़ती कीमतों का असर

सीएमए के अध्यक्ष शैलेंद्र चौकसी ने कहा, सीमेंट की कीमत को ठीक करने की बहुत अधिक जरूरत है. पिछले एक साल में ईंधन की कीमतों में 60-70 प्रतिशत की वृद्धि हुई. बढ़ी कीमतों के प्रभाव को कुछ हद तक कम करने के लिए सीमेंट के दाम बढ़ाना जरूरी है. उन्होंने कहा कि पिछले 6-7 साल से सीमेंट की कीमतें करीब-करीब स्थिर हैं लेकिन इस दौरान लागत और मुद्रास्फीति बढ़ी है. उन्होंने कहा कि सीमेंट की मांग में तेजी के बावजूद कीमतें काफी निम्न स्तर पर बनी हुई हैं.

शनिवार को एक बार फिर पेट्रोल-डीजल हुआ महंगा, राहत की उम्मीद नहीं

उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में दिल्ली-एनसीआर में सीमेंट की 50 किलो की बोरी की कीमत 300 रुपये से कम है. सीमेंट की कीमतों में कितनी बढ़ोतरी होगी इस सवाल पर चौकसी ने कहा कि ईंधन लागत और परिवहन शुल्क में वृद्धि के प्रभाव को कम करने के लिए सीमेंट के प्रति बोरी पर कम से कम 25-30 रुपये यानी 8 से 10 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी. (इनपुट भाषा)