केंद्र सरकार (Central Government) ने बुधवार को एक मीडिया रिपोर्ट को खारिज कर दिया है, जिसमें यह कहा गया था कि सरकार अपने स्थायी कर्मचारियों के लिए साल में 20 दिन की Earned Leave (EL) लेना अनिवार्य कर दिया है. Also Read - Stock market: शेयर बाजार की तेजी पर लगा ब्रेक, सेंसेक्स 750 अंक टूटा, 200 अंकों से ज्यादा गिरा निफ्टी

सरकार ने अपनी सफाई में कहा कि मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया जा रहा है कि सरकार अपने स्थायी कर्मचारियों के लिए हर साल कम से कम 20 दिनों की Earned Leave लेना अनिवार्य कर दिया है, ताकि उस छुट्टी के पैसे कर्मचारियों को न देने पड़ें. Also Read - Petrol-diesel price: पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने पर विचार कर रही सरकार, ईंधन के दाम जल्द घटने के आसार!

केंद्र सरकार ने मीडिया रिपोर्टों को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उसके स्थायी कर्मचारियों को हर साल कम से कम 20 दिनों की Earned Leave लेना अनिवार्य रूप से लेने का दावा झूठा और पूरी तरह से आधारहीन है. Also Read - Stock market: 750 अंक बढ़कर बंद हुआ सेंसेक्स, 14762 पर निपटा निफ्टी; ऑटो शेयरों में जोरदार तेजी

सरकार की तरफ से जारी किए गए खंडने में कहा गया है कि इस तरह की कोई घोषणा अभी तक नहीं की गई है. साथ ही सरकार ने मीडिया समूहों से व्यापक अटकलों से परहेज करने का भी आग्रह किया है.

गौरतलब है कि मीडिया रिपोर्ट में कहा गया था कि FY19 के लिए बजट अनुमानों के अनुसार, वित्त मंत्रालय ने अपने अनुमानित 3.5 करोड़ सिविल कर्मचारियों के भत्ते के लिए 63,249 करोड़ रुपये का बजट रखा है, जो FY17 से 5 फीसदी अधिक है. कथित तौर पर यह पैसा कर्मचारियों की बची हुई Earned Leave का भुगतान करने के लिए रखा गया है.

आगे कहा गया है कि केंद्र सरकार ने एक नया नियम बनाने का फैसला किया है, जिसके तहत सभी स्थायी केंद्र सरकार के कर्मचारियों को अब हर साल कम से कम 20 दिन की अर्जित छुट्टी (EL) लेनी होगी.