केंद्र सरकार (Central Government) ने बुधवार को एक मीडिया रिपोर्ट को खारिज कर दिया है, जिसमें यह कहा गया था कि सरकार अपने स्थायी कर्मचारियों के लिए साल में 20 दिन की Earned Leave (EL) लेना अनिवार्य कर दिया है.Also Read - एनएसई घोटाला: चित्रा रामकृष्ण की जमानत याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट का सीबीआई को नोटिस

सरकार ने अपनी सफाई में कहा कि मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया जा रहा है कि सरकार अपने स्थायी कर्मचारियों के लिए हर साल कम से कम 20 दिनों की Earned Leave लेना अनिवार्य कर दिया है, ताकि उस छुट्टी के पैसे कर्मचारियों को न देने पड़ें. Also Read - Delhi School Guidelines: दिल्ली सरकार ने स्कूलों से कहा-केंद्र सरकार की गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करें

केंद्र सरकार ने मीडिया रिपोर्टों को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उसके स्थायी कर्मचारियों को हर साल कम से कम 20 दिनों की Earned Leave लेना अनिवार्य रूप से लेने का दावा झूठा और पूरी तरह से आधारहीन है. Also Read - बाजार में गिरोहबंदी की चुनौती से निपटना होगा, जिंसों की आपूर्ति में कमी के कारणों का पता लगाने की आवश्यकता: सीतारमण

सरकार की तरफ से जारी किए गए खंडने में कहा गया है कि इस तरह की कोई घोषणा अभी तक नहीं की गई है. साथ ही सरकार ने मीडिया समूहों से व्यापक अटकलों से परहेज करने का भी आग्रह किया है.

गौरतलब है कि मीडिया रिपोर्ट में कहा गया था कि FY19 के लिए बजट अनुमानों के अनुसार, वित्त मंत्रालय ने अपने अनुमानित 3.5 करोड़ सिविल कर्मचारियों के भत्ते के लिए 63,249 करोड़ रुपये का बजट रखा है, जो FY17 से 5 फीसदी अधिक है. कथित तौर पर यह पैसा कर्मचारियों की बची हुई Earned Leave का भुगतान करने के लिए रखा गया है.

आगे कहा गया है कि केंद्र सरकार ने एक नया नियम बनाने का फैसला किया है, जिसके तहत सभी स्थायी केंद्र सरकार के कर्मचारियों को अब हर साल कम से कम 20 दिन की अर्जित छुट्टी (EL) लेनी होगी.