नई दिल्ली. लोन डिफॉल्टर्स को लेकर केंद्र सरकार सख्त होने जा रही है. इकॉनमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार 50 करोड़ से ज्यादा लोन लेकर जानबूझकर उसे न देने वालों के देश से बाहर यात्रा करने पर रोक लगा सकती है. रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसे लोगों को बिना पूर्व सूचना दिए विदेश यात्रा करने पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है. सरकार ये कदम इसलिए उठा रही है कि बहुत सारे प्रमोटर बिना पुर्नभुगतान किए बिना विदेश जाने को सोच रहे हैं. Also Read - Government Guidelines OLA Uber: अब मनमाना किराया नहीं वसूल सकेंगी कैब कंपनियां, गाइडलाइन जारी

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रिपोर्ट के मुताबिक, ये रिकमेंडेशन उस कमेटी के निर्देश पर किया गया है जिसे इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए बनाया गया है. इस कमेटी को हेड वित्तिय सेवा सचिव राजीव कुमार हैं. बता दें कि सरकार ये कार्रवाई विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चौकसी द्वारा करोड़ों रुपये लेकर भागने के बाद करने की सोच रही है. Also Read - Ideal House Rent Act: केंद्र सरकार जल्द लाएगी आदर्श किराया कानून, जानिए- क्या इससे रुकेगा नई झोपड़पट्टियां बांधने का काम

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आधिकारिक सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है, इंडियन पासपोर्ट एक्ट के सेक्शन 10 में अमेंडमेंट किया जा सकता है. इस सेक्शन के मुताबिक यदि कोई शख्स एक लिमिट से ज्यादा का बैंक का कर्जदार है तो और जानबूझकर डिफाल्टर बना हुआ है तो उसके साथ सार्वजनिक हित में आर्थिक रिस्क के तौर पर व्यवहार किया जाए. अधिकारी के मुताबिक, इस लिमिट को 50 करोड़ रुपए किए जाने की संभावना है. इस पर विचार अभी भी जारी है.

बता दें कि इसी साल मार्च महीने में सरकार ने बैंकों से कहा है कि वह ऐसे सभी कर्जदारों के पासपोर्ट डिटेल ले लें, जो कि 50 करोड़ से ज्यादा के कर्जदार हैं. कमेटी ने कहा है कि उचित औचित्य के आधार पर ही किसी के विदेश यात्रा पर प्रतिबंध लगाया जाएगा और इसे कानूनी तौर पर लिया जाएगा.

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बैंकिंग सिस्टम को साफ करने के लिए वित्त मंत्रालय ने पीएसबीज को निर्देश दिया है कि सभी एनपीए अकाउंट की जांच की जाए. इसमें 50 करोड़ से ज्यादा रुपये के फ्रॉड के केस को लेकर संबंधित एजेंसी को सूचना दे.