नई दिल्लीः कोरोना वायरस के बीच पूरे देश की आर्थिक गतिविधियां थम गई हैं. हजारों लोग बेरोजगार हो गए हैं और मजूदर वर्ग के पास भी कोई काम नहीं बचा है. ऐसे में आम जीवन पर इसका गहरा असर देखने को मिल रहा है. पूरा देश इन दिनों संकट से गुजर रहा है. इस बीच देश की बिगड़ी हुई अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए केंद्र सरकार ने काम शुरू कर दिया है. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने स्वावलंबन ई-समिट 2020 (Swavalamban e-Summit 2020) में देश मे 5 करोड़ नई नौकरियों के आने की उम्मीद जताई है.
केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, भारतीय अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए जल्द ही काम शुरू कर दिए जाएंगे. देश की अर्थव्यवस्था के विकासमें MSME सेक्टर का बहुत बड़ा योगदान है. जीडीपी ग्रोथ रेट में 30 फीसदी आय MSME सेक्टर के जरिए ही प्राप्त होती है. निर्यात में भी MSME का योगदान 48 फीसदी है. देश में एमएसएमई से करीब 11 करोड़ लोगों को रोजगार मिला है. Also Read - यूपी: पीएम आवास न मिलने पर बीजेपी नेता ने ज़हर खाया, भाजपा बोली- बेरोजगारी ने भी मारा

ऐसे में इस समिट में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने उम्मीद जताई है कि आने वाले 5 सालों में जीडीपी ग्रोथ रेट में इनकम में 30 फीसदी तक का इजाफा होगा, जिससे यह ग्रोथ रेट 50 फीसदी हो जाएगी. साथ ही निर्यात सेक्टर में भी भागीदारी 48 फीसदी बढ़ा दी जाएगी, जिससे 5 करोड़ रोजगार के नए अवसर जनरेट होंगे और MSME सेक्टर में बड़े स्तर पर नौकरियां बढ़ेंगी. Also Read - Covid 19: कोरोना से संक्रमित हुए केंद्रीय मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, लोगों को दी ये सलाह

इसके साथ ही उन्होंने कहा- ‘जो गैर रजिस्टर्ड (Unregistered) उद्योग हैं उन्हें MSMEs का फायदा उठाने के लिए माइक्रो उद्योग (Micro industry) के तहत अपने उद्यम को रजिस्टर कराने की जरूरत है. यही नहीं, सरकार छोटे ट्रेडर्स को भी कवर करने की प्रकिया में हैं. लिहाजा ऐसे लोगों को रजिस्टर्ड करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए हमें गैर सरकारी संगठनों से (NGOs) से मदद की जरूरत है.’ Also Read - केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी कोरोना वायरस की चपेट में, टेस्ट रिपोर्ट आई पॉजिटिव