Cheque Payment System: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने (Reserve Bank of India) ने अगस्त माह में चेक पेमेंट के सिस्टम में बदलाव करने का फैसला किया था. जिसके लिए आरबीआई अब पॉजिटिव पे सिस्टम (positive pay system) लागू करेगा. इस नियम के तहत 50,000 रुपये से अधिक के पेमेंट्स पर अहम डीटेल्स को ‘री कन्फर्म’ (re-confirm) करने की जरूरत होगी.Also Read - 'तीसरी लहर के बावजूद मजबूत हुई भारत की समग्र आर्थिक गतिविधि'

बता दें, चेक पेमेंट का यह नया नियम 1 जनवरी 2021 से लागू हो जाएगा. आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने अगस्त महीने में एमपीसी (MPC) की मीटिंग में इसकी घोषणा की थी. आरबीआई गवर्नर ने कहा था कि ग्राहकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ‘पॉजिटिव पे’ का नया नियम लागू करने का फैसला किया गया है. इसका मकसद चेक का दुरुपयोग रोकना है. साथ ही इससे फर्जी चेक के जरिए होने वाले फ्रॉड को कम किया जा सके. Also Read - Bank Holidays, January 2022: जनवरी में अभी बैंकों में 7 दिन और रहेंगी छुट्टियां, यहां देखें पूरी सूची

किस तरह से काम करता है ‘पॉजिटिव पे सिस्टम’ Also Read - RBI SO Recruitment 2022: भारतीय रिजर्व बैंक ने स्पेशलिस्ट ऑफिसर के पद पर निकाली भर्ती, जल्दी करें आवेदन

‘पॉजिटिव पे सिस्टम’ के जरिए ग्राहकों को फ्रॉड को बचाने का उपाय किया जा रहा है. इसके तहत कोई भी जब चेक जारी करेगा तो उसे अपने बैंक को पूरी डिटेल भेजनी होगी. इसमें चेक जारी करने वाले को इलेक्ट्रॉनिक माध्य से चेक की तारीख, जिसको पेमेंट किया जा रहा है उसका नाम, अकाउंट नंबर, अमाउंट और बाकी जानकारी बैंक को देनी होगी. इस सिस्टम से चेक का इस्तेमाल ज्यादा सुरक्षित हो जाएगा. इसके साथ ही चेक के क्लियरेंस में भी कम समय लगेगा. इस सिस्टम का नियम बड़ी धनराशि के चेक पर लागू होगा.

जानिए- जानकारी देने के तरीके

चेक जारी करने वाले को यह जानकारी SMS, मोबाइल ऐप, इंटरनेट बैंकिंग या ATM जैसे इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से मुहैया कराई जा सकती है. इसके बाद चेक पेमेंट से पहले इन जानकारियों को क्रॉस-चेक किया जाएगा. अगर इसमें कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो CTS (Cheque Truncation System) इस बारे में संबंधित दोनों बैंकों को जानकारी दी जाएगी.