नई दिल्ली: हाल ही में भारत ने कोरोना वायरस के असर को देखते हुए घरेलू कंपनियों को विदेशी कंपनियों से बचाने के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) ने नियमों में बदलाव किया था. इसको लेकर चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने सोमवार को कहा कि कुछ खास देशों से प्रत्यक्ष विदेश निवेश के लिए भारत के नए नियम डब्ल्यूटीओ के गैर-भेदभाव वाले सिद्धांन्त का उल्लंघन करते हैं और मुक्त व्यापार की सामान्य प्रवृत्ति के खिलाफ हैं. Also Read - कश्मीर में भारत 22 अक्टूबर को मनाएगा 'काला दिवस', 1947 में पाकिस्तान ने घाटी में कराई थी हिंसा

अधिकारी ने कहा कि ‘‘अतिरिक्त बाधाओं’’ को लागू करने वाली नई नीति G20 समूह में निवेश के लिए एक स्वतंत्र, निष्पक्ष, गैर-भेदभावपूर्ण और पारदर्शी वातावरण के लिए बनी आम सहमति के खिलाफ भी है. Also Read - Viral Video: महिला ने नहीं पहना मास्क, थूकने की कोशिश की, प्लेन से जबरन उतारा गया...

केंद्र सरकार ने पिछले सप्ताह कोरोना वायरस महामारी के बाद घरेलू कंपनियों के ‘‘अवसरवादी अधिग्रहण’’ पर अंकुश लगाने के लिए भारत के साथ भूमि सीमा साझा करने वाले देशों से विदेशी निवेश के लिए सरकारी मंजूरी को अनिवार्य कर दिया. Also Read - Covid 19 in India Update: कोरोना से 24 घंटे में 717 लोगों की मौत, 54 हजार नए मामले आए सामने

चीनी दूतावास के प्रवक्ता जी रोंग ने एक बयान में कहा, ‘‘भारतीय पक्ष द्वारा विशिष्ट देशों से निवेश के लिए लगाई गई अतिरिक्त बाधाएं डब्ल्यूटीओ के गैर-भेदभाव वाले सिद्धांन्त का उल्लंघन करती हैं, और उदारीकरण तथा व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने की सामान्य प्रवृत्ति के खिलाफ हैं.’’