Common Credit Mistakes Everyone Should Avoid Follow 7 Tips To Improve Cibil Score
आपकी इन गलतियों से बिगड़ जाता है CIBIL Score, 7 बातों का रखा ख्याल तो लोन लेने में नहीं होगी दिक्कत
CIBIL स्कोर आपकी क्रेडिट हिस्ट्री का एक नंबर होता है, जो यह बताता है कि आपने पहले लिए गए लोन या क्रेडिट कार्ड बिल का पेमेंट समय पर किया है या नहीं.ये स्कोर 300 से 900 के बीच होता है. जितना ज्यादा आपका स्कोर होगा, आपके लोन पास होने की संभावना उतनी ही बढ़ जाएगी.
अगर आपका सिबिल स्कोर 750 से 900 के बीच है, तो इसे बहुत अच्छा माना जाता है.
जिंदगी का कोई भरोसा नहीं. कब किसके साथ और कौन सी आर्थिक दिक्कत सामने आ जाए, इसका अंदाजा किसी को नहीं होता. मुश्किल समय में जब पैसों का इंतजाम नहीं हो पाता, तो हम बैंक में लोन के लिए अप्लाई करते हैं. बहुत से लोग बिना इसे समझे ही लोन के लिए अप्लाई कर देते हैं. ऐसे में जब बैंकिंग कंपनियां उनका एप्लीकेशन रिजेक्ट करती हैं, तो समझ नहीं पाते हैं कि ऐसा क्यों हुआ? जब भी हम लोन लेने की सोचते हैं, चाहे वह पर्सनल लोन हो, होम लोन या कार लोन तो सबसे जरूरी और पहला कदम होता है CIBIL स्कोर चेक करना. अगर ये खराब है, तो जाहिर तौर पर बैंक आपपर भरोसा नहीं करेंगे और आपको लोन नहीं देंगे. वहीं, अगर सिबिल स्कोर अच्छा है, तो आपको लोन जल्दी और हो सकता है कि कम ब्याज दर पर मिल जाए.
आइए समझते हैं कि सिबिल स्कोर क्या होता है? किस रेंज के सिबिल स्कोर को बहुत अच्छा और किस रेंज को बहुत खराब माना जाता है. किन गलतियों की वजह से सिबिल स्कोर बिगड़ जाता है. किन बातों का ख्याल रखकर हम अपना बिगड़ा हुआ सिबिल स्कोर सुधार सकते हैं:-
क्या होता है सिबिल स्कोर?
CIBIL स्कोर आपकी क्रेडिट हिस्ट्री का एक नंबर होता है, जो यह बताता है कि आपने पहले लिए गए लोन या क्रेडिट कार्ड बिल का पेमेंट समय पर किया है या नहीं.ये स्कोर 300 से 900 के बीच होता है. जितना ज्यादा आपका स्कोर होगा, आपके लोन पास होने की संभावना उतनी ही बढ़ जाएगी. हालांकि, इसके लिए आपको अपने CIBIL स्कोर पर ध्यान देने की बहुत जरूरत है.
कौन तैयार करता है ये स्कोर?
भारत में क्रेडिट स्कोर मुख्य रूप से CIBIL (Credit Information Bureau India Limited) तैयार करता है. इसके अलावा Experian, CRIF हाई मार्क और इक्विफैक्स जैसी संस्थाएं भी क्रेडिट स्कोर बनाती हैं. क्रेडिट स्कोर के बजाय लोग ‘CIBIL स्कोर’ से ज्यादा रिलेट कर पाते हैं.
अलग-अलग सिबिल स्कोर के मायने?
अगर आपका सिबिल स्कोर 750 से 900 के बीच है, तो इसे बहुत अच्छा माना जाता है. आपको हर तरह के लोन मिलने के ज्यादा चांसेस होते हैं. हो सकता है कि आपको कम रेट ऑफ इंटरेस्ट पर भी लोन मिल जाए.
अगर आपका सिबिल स्कोर 700 से 749 के बीच है, तो भी ये अच्छा स्कोर है. बैंक आपको भरोसेमंद मानते हैं. ऐसे में लोन अप्रूव होने में दिक्कत नहीं आती. लेकिन, लोन की एक लिमिट होगी.
अगर आपका सिबिल स्कोर 650 से 699 के बीच आता है, तो ये एवरेज स्कोर माना जाता है. इस केस में कुछ बैंक आपपर भरोसा जता सकते हैं, लेकिन ज्यादातर बड़े बैंक आपको शायद लोन न दें.
इसी तरह अगर आपका सिबिल स्कोर 600 से 649 के बीच आता है, तो इसे खराब माना जाता है. ऐसे में आपको कोई भी बैंक लोन देने से मना कर सकता है.
लेकिन अगर आपका सिबिल स्कोर 600 के और भी नीचे है, तब इसे बेहद खराब माना जाता है. ऐसे में आपको कोई बैंक लोन नहीं देगा. आप जब भी अप्लाई करेंगे, आपकी एप्लिकेशन रिजेक्ट हो जाएगी. ऐसे में आपको क्रेडिट कार्ड की लिमिट भी कम मिलती है. हो सकता है कि आपको क्रेडिट कार्ड मिले ही नहीं.
किन गलतियों से बिगड़ जाता है सिबिल स्कोर?
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लोन और क्रेडिट कार्ड की EMI या बिलों का समय पर पेमेंट नहीं करते हैं. EMI अटक जाती है, तो CIBIL स्कोर पर असर पड़ता है.
अगर आप अपनी क्रेडिट लिमिट का 50-60% से ज्यादा इस्तेमाल कर देते हैं.सारे खर्चे क्रेडिट कार्ड के भरोसे करते हैं, तो ये आपके क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो को बढ़ा देता है, जिससे स्कोर गिर सकता है.
कई बार लोग एक ही समय में बहुत सारे लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई कर देते हैं. इससे उनका स्कोर कम हो सकता है.
अगर आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में गलत जानकारी जैसे कि गलत लोन डिटेल्स या बंद हो चुके अकाउंट के एक्टिव होने की डिटेल होती है, तो इसका असर आपके सिबिल स्कोर पर पड़ता है.
लोन सेटलमेंट यानी लोन राशि का कुछ हिस्सा माफ करवाना भी CIBIL स्कोर पर नेगेटिव असर डालता है.
अगर आपने किसी के लोन के लिए गारंटर बने हैं और उस व्यक्ति ने कोई गलती की है, तो उसका असर आपके CIBIL स्कोर पर भी पड़ सकता है.
खराब सिबिल स्कोर से होने वाले नुकसान?
खराब सिबिल स्कोर का सबसे बड़ा नुकसान तो लोन लेने में ही होती है.बैंक आपको ज्यादा जोखिम वाले ग्राहक मानते हैं. ऐसे में लोन रिक्वेस्ट रिजेक्ट हो जाती है.
अगर आपको सिबिल स्कोर ठीकठाक है, तो हो सकता है कि कुछ बैंक आपका लोन अप्रूव करें, लेकिन वो ज्यादा इंटरेस्ट वसूलेंगे.
अगर सिबिल स्कोर खराब है, तो बैंक सिक्योरिटी के तौर पर किसी गारंटर को शामिल करने के लिए कह सकते हैं.
हो सकता है कि आपके सामने कौलेटरल यानी लोन के लिए संपत्ति गिरवी रखने की शर्त रख दी जाए.
खराब सिबिल स्कोर की वजह से क्रेडिट कार्ड कंपनियां कम क्रेडिट लिमिट देती हैं या क्रेडिट लिमिट नहीं बढ़ाती हैं.
अगर आपका सिबिल स्कोर बिगड़ा हुआ है, तो कई बार रेंट पर घर लेने, बड़ी खरीदारी करने या बिजनेस में पार्टनरशिप के वक्त दिक्कत आ सकती है.
कैसे सुधारें CIBIL स्कोर?
अपना सिबिल स्कोर सुधारने के लिए लोन की EMI और क्रेडिट कार्ड के बिल टाइम से भरें.
क्रेडिट कार्ड के बिल का कभी मिनिमम अमाउंट ड्यू का पेमेंट न करें. हमेशा पूरा बिल पे करें.
कभी भी अपने क्रेडिट कार्ड के लिमिट का पूरा इस्तेमाल न करें. एक्सपर्ट लिमिट का 30% इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं.
अगर आपने एक से ज्यादा लोन ले रखे हैं, तो पुराने लोन चुकाने के बाद क्लोजर रिपोर्ट जरूर लें.
बार-बार लोन या टॉप अप लोन के लिए अप्लाई न करें.
किसी एक ही तरह का लोन न लें. अपने पोर्टफोलियो में सिक्योर्ड (जैसे होम लोन, कार लोन)और अनसिक्योर्ड (जैसे पर्सनल लोन) का बैलेंस बनाए रखें.
जहां भरोसा न हो, वहां गारंटर बिल्कुल न बनें.
कहां फ्री में चेक कर सकते हैं सिबिल स्कोर?
आप https://www.cibil.com पर अपना सिबिल स्कोर चेक कर सकते हैं. इसके साथ ही HDFC, ICICI, एक्सिस, SBI, कोटक महिंद्रा जैसे बैंक अपने मोबाइल ऐप या नेटबैंकिंग पर फ्री स्कोर चेक करने की सुविधा देते हैं. बजाज फिनसर्व, पैसा बाजार, बैंक बाजार, वनस्कोर जैसे प्लेटफॉर्म पर भी फ्री में सिबिल स्कोर देखा जा सकता है.
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