Corona Vaccine Big News: कोरोना वैक्सीन को लेकर एक बड़ी खुशखबरी मिल रही है.फाइजर इंडिया ने भारत में कोरोना वैक्सीन के आपातकालीन इस्तेमाल की अनुमति मांगी है और इस तरह से यह कोरोना वैक्सीन की आपात मंजूरी मांगने वाली पहली दवा निर्माता कंपनी बन गई है. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि फाइजर ने ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DGCI) को इस सिलसिले में अपना आवेदन सौंपा है. इसमें सबसे महत्‍वपूर्ण बात यह कि फाइजर को ब्रिटेन और बहरीन में वैक्सीन के इस्तेमाल की इजाजत मिल चुकी है और अब उसने भारत से आपात इस्तेमाल की अनुमति मांगी है. Also Read - Live Video: पद्मश्री डॉक्टर ने पत्नी को बिना बताए लगवाई कोरोना वैक्सीन, बीवी ने की ‘ऐसी की तैसी’

सूत्रों ने बताया कि दवा नियामक को दिए आवेदन में कंपनी ने भारत में वैक्सीन के आयात और वितरण की अनुमति देने का अनुरोध किया है. इसके अलावा कंपनी ने न्यू ड्रग्स एंड क्लीनिकल ट्रायल्स रूल्स, 2019 के तहत भारत के लोगों पर परीक्षण से छूट की अनुमति भी मांगी है. कंपनी ने चार दिसंबर को डीसीजीआइ के पास वैक्सीन के आपातकालीन इस्तेमाल की इजाजत देने के लिए आवेदन सौंपा. Also Read - कोरोना वैक्सीन लगवाने के बाद आशा कार्यकर्ता की मौत, सहकर्मी बोले- कोविड टीका लगते...

ब्रिटेन ने सबसे पहले दी फाइजर को इजाजत Also Read - Corona Vaccine in India: टीकाकरण अभियान के 7वें दिन 2.28 लाख लोगों को लगी वैक्सीन

ब्रिटेन फाइजर की वैक्सीन को अपने देश में इस्तेमाल की मंजूरी देने वाला पहला देश है, उसने बुधवार को अपने देश में वैक्सीन के आपात इस्तेमाल की मंजूरी दी थी. इधर, भारत सरकार ने भी कोरोना वैक्सीन को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं. भारत वैक्सीन के ऑर्डर में मामले में पहले नंबर पर है. जानकारी के मुताबिक सरकार ने बाजार में आने से पहले ही 1.6 अरब वैक्सीन का ऑर्डर दे दिया है. दो डोज के हिसाब से इतनी खुराक से 80 करोड़ यानी 60 फीसद आबादी का टीकाकरण हो सकेगा.

क्लीनिकल परीक्षणों में 95 प्रतिशत कारगर है फाइजर की वैक्सीन

बता दें कि क्‍ल‍िनिकल परीक्षणों में फाइजर की वैक्सीन 95 फीसद कारगर साबित हुई है और अब फाइजर ने तीसरे चरण के परीक्षण को बंद कर दिया है. कहा जा रहा है कि यह वैक्सीन जलवायु, भौगोलिक स्थितियों, रख-रखाव और इस्‍तेमाल के लिहाज से भारत के लिए भी मुफीद होगी. फाइजर (Pfizer) अपने कोविड-19 टीके का आपात इस्तेमाल के लिए अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन से भी मंजूरी देने की मांग कर चुकी है.