नई दिल्ली: विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के दौरान भारत को बतौर एफडीआई 20 अरब डॉलर से अधिक राशि प्राप्त हुई, यह दर्शाता है कि देश निवेश के लिए दुनिया के सर्वाधिक आकर्षक स्थानों में से एक है. ब्रिटेन में सीआईआई के एक कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए संबोधित करते हुए उन्होंने भारत द्वारा किए गए कई संरचनात्मक सुधारों का उल्लेख किया और कहा कि अंतरिक्ष, रक्षा और परमाणु ऊर्जा जैसे अभी तक प्रतिबंधित क्षेत्रों को निजी भागीदारी के लिए खोला गया है.Also Read - Corona Virus Update 25 October: 24 घंटे में 443 लोगों की मौत, 14 हज़ार से अधिक नए मामले मिले

विदेश सचिव ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने पिछले छह वर्षों के दौरान भारत में व्यापार को आसान बनाने के लिए कई ऐतिहासिक सुधार किए हैं. आज, भारत दुनिया की सबसे खुली अर्थव्यवस्थाओं में से एक है. हमने एक पारदर्शी और स्थिर कर व्यवस्था लागू की है.’’ Also Read - चीन के लिए खतरे की घंटी, कोरोना फैलने से एक स्टेट में सभी पर्यटक स्थल बंद

श्रृंगला ने इस दौरान वस्तु एवं सेवा कर, आधार बायोमेट्रिक परियोजना, कृषि क्षेत्र में बुनियादी सुधार और रेलवे, बंदरगाहों तथा हवाई अड्डों के लिए बुनियादी ढांचे के निर्माण जैसी विभिन्न महत्वाकांक्षी योजानाओं को लागू करने के बारे में विस्तार से चर्चा की. उन्होंने कहा, ‘‘महामारी के दौरान हमने इस साल 20 अरब डॉलर से अधिक की एफडीआई हासिल की. वैश्विक स्तर पर 2019 में एफडीआई में एक प्रतिशत की कमी आई, जबकि इस दौरान भारत में एफडीआई में 20 प्रतिशत का इजाफा हुआ.’’ Also Read - संजय राउत का दावा- 100 करोड़ वैक्सीन लगाने का दावा ‘झूठा’, लगे सिर्फ इतने खुराक

उन्होंने कहा कि गूगल और फेसबुक सहित कई वैश्विक तकनीकी कंपनियों ने भारत में उल्लेखनीय निवेश की घोषणा की है. भारत और ब्रिटेन के संबंधों पर उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच अगले दशक में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत बनाने के लिए एक व्यापक मसौदा तैयार किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि यूरोप में व्यापार, निवेश, रक्षा, विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी जैसे विविध क्षेत्रों में ब्रिटेन प्रमुख साझेदार है.