नई दिल्ली: चीन के वुहान से फैले जानलेवा कोरोना वायरस को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने काफी दिन पहले ही महामारी घोषित कर दिया था. भारत में 24 अप्रैल तक कोविड​​-19 की वजह से मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 718 हो गई और संक्रमण के मामलों की संख्या 23,077 तक पहुंच गई. ये महामारी लगातार तेजी से फैल रही है. ऐसे में एक आम आदमी के जहन में अपने जीवन और परिवार की सुरक्षा को लेकर तरह-तरह के सवाल आते हैं. जिन लोगों ने जीवन बीमा पॉलिसी ले रखी है उनके मन में भी कई सवाल होंगे. क्‍या कोरोना वायरस के कारण पॉलिसीधारक की मौत उसकी जीवन बीमा पॉलिसी कवर करेगी? क्‍या वायरस से संक्रमित होने के बाद किसी को लाइफ इंश्‍योरेंस पॉलिसी मिल सकेगी? Also Read - Hydroxychloroquine Trial: COVID-19 के इलाज में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के ट्रायल पर WHO ने लगाई रोक, टेड्रोस ने कही ये बात...

अगर कोरोना वायरस से मौत हुई तो क्‍या बीमा पॉलिसी का लाभ पॉलिसी होल्डर को मिलेगा?
जी हां, बिल्कुल मिलेगा. कोरोना वायरस से अगर किसी पॉलिसीहोल्‍डर की मौत होती है तो नॉमिनी को डेथ बेनिफिट के तौर पर सम एश्‍योर्ड यानी बिमित राशि मिलेगी. मतलब ये कि अगर कोरोना से मरने वाले व्यक्ति के पास पहले से ही लाइफ इंश्‍योरेंस पॉलिसी थी तो उसके नॉमिनी को उसका लाभ मिलेगा. हालांकि इसके लिए नामित यानी नॉमिनी को उसी प्रक्रिया के तहत क्लेम करना होगा जैसा कि आमतौर पर किया जाता है. क्योंकि लगभग हर लाइफ इंश्‍योरेंस पॉलिसी में स्‍वास्‍थ संबंधी मामले कवर होते हैं इसलिए इसका लाभ भी नामित व्यक्ति को दिया जाता है. Also Read - Rajasthan Coronavirus Update: संक्रमण के 76 नए मामले, कुल संक्रमितों की संख्या 7,376 हुई, देखें कहां कितने केस

क्या अब पॉलिसी लेने पर बीमा कंपनियां कोरोना को कवर कर रही हैं?
यह काफी महत्वपूर्ण सवाल है. क्योंकि इस महामारी को देखते हुए लोग जीवन बीमा पॉलिसी लेने के बारे में सोच रहे हैं. हालांकि ऐसे में लोगों को कंपनियों के नियमों को ध्यान से पढ़ना और जानना चाहिए. अगर आप अभी जीवन बीमा पॉलिसी खरीदने के बारे में सोच रहे हैं तो आपको ध्‍यान रखना चाहिए कि इसका प्रीमियम आपकी सेहत और मेडिकल हिस्‍ट्री पर निर्भर करेगा. वैसे तो इस समय बीमा कंपनियां आपके आवेदन को रोक या अस्वीकार कर सकती हैं. क्योंकि कोरोना संकट अभी थमा नहीं है. अगर आपको पहले से ही कोरोना है और आप बीमा पॉलिसी लेने जा रहा हैं तो बीमा कंपनी उसे खारिज कर सकती है. Also Read - शरद पवार से मिले उद्धव ठाकरे, संजय बोले- अभी तक हमारी सरकार गिराने का उपाय नहीं तलाश पाए विरोधी