नई दिल्ली: पूरी दुनिया इस वक्त कोरोना वायरस के चपेट में है. चाहे छोटा देश हो या फिर कोई तातकवर मुल्क, सभी पर कोरोना का साया बना हुआ है. तमाम मुल्क इससे बचने के उपाय तलाश रहे हैं. भारत में भी कोरोना के लगातार मामले सामने आ रहे हैं. देश में अब तक 170 से अधिक लोग इससे संक्रमित पाए गए हैं जबकि इस खतरनाक बीमारी से अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है. ऐसे में देश की अर्थव्यवस्था पर भी गहरी चोट पहुंची है. कई मुख्य सेक्टर्स के लिए यह एक भयवाह समय साबित हो रहा है. कोरोना से जूझ रहे इन सेक्टर्स में काम करने वाले लोगों के लिए भी ये वक़्त मुश्किल सा मालूम हो रहा है. अंग्रेजी अखबार द इकोनॉमिक टाइम्स ने हाल ही में एक रिपोर्ट छापी है जिसमें इस वायरस की वजह से रोज़गार पर पड़ रहे असर को दर्शाया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक़ कुछ चुनिंदा सेक्टर्स में जॉब्स की भारी कमी होने वाली है जिसमें हॉस्पिटैलिटी-टूरिज्म, रियल एस्टेट, सिनेमा, रेस्तरां आदि शामिल हैं. Also Read - कई चरणों में लॉकडाउन हटाने की तैयारी में राजस्थान, मुख्यमंत्री ने दिए संकेत

हॉस्पिटैलिटी-टूरिज्म (Coronavirus effect on Hospitality and Tourism Sector)

हॉस्पिटैलिटी-टूरिज्म

होटल्स की बात करें तो देश में लगभग 37000 से 39000 करोड़ रुपए तक का व्यापर है और टूरिज्म इंडस्ट्री का आकार करीब 18 लाख करोड़ रुपए का है. इन दोनों सेक्टर्स में कुल मिलाकर 40 मिलियन यानि 4 करोड़ लोगों को रोजगार मिला हुआ है. द इकोनॉमिक टाइम्स द्वारा किए गए एक सर्वे के मुताबिक कोरोना के जंजाल की वजह से टूरिज्म सेक्टर में 12 लाख नौकरियां जाने का अनुमान है. इससे जुड़े उद्योग में भी इसका ख़ासा असर पड़ सकता है. इतने लोगों की नौकरी छूटने से होटल सेक्टर में 9600 से 11400 करोड़ रुपए तक का नुकसान भी हो सकता है. Also Read - COVID19: तमिलनाडु में बढ़े केस, 690 संक्रमितों से 636 तबलीगी जमात के इवेंट में हुए थे शामिल

रेस्त्रां (Restaurant Sector hit the hardest)

रेस्त्रां

देश में इस सेक्टर की साइज 4.2 लाख करोड़ रुपए के करीब है जहां 73 लाख के लगभग लोग काम करते हैं. इकोनॉमिक टाइम्स में छपी रिपोर्ट की मानें तो अभी के हालात को देखकर इस सेक्टर में 15 से 20 प्रतिशत नौकरियां खतरे में हैं और ये आंकड़ा आगे बढ़ भी सकता है. कोरोना वायरस की वजह से कमाई 60 फीसदी तक घट गई है. ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऑर्डर्स में भी करीब 20 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है. Also Read - COVID19: देश में 24 घंटे में 354 नए केस के साथ आंकड़ा 4,421, कोचों में 40,000 बेड तैयार

रिटेल (Coronavirus effect on Retail Sector)

रिटेल

सभी मौजूदा सेक्टर में यह सेक्टर खासा महत्वपूर्ण माना जाता है. इस इंडस्ट्री की साइज़ 59 लाख करोड़ रुपए के करीब है और यहां 46 मिलियन लोग काम करते हैं. कोरोना की वजह से इस सेक्टर में 11 मिलियन यानी 25 प्रतिशत नौकरियां जा सकती हैं.

रियल एस्टेट (Jobs in Real Estate Sector Affected) 

रियल एस्टेट

पहले से ही मंदी की मार झेल रहे रियल एस्टेट सेक्टर पर कोरोना कहर बनकर टूटा है. इस सेक्टर की साइज़ 13.32 लाख करोड़ रुपए है. अर्थव्यवस्था की धीमी गति की वजह से पहले ही इस सेक्टर में 20 प्रतिशत नौकरियां जा चुकी हैं और अब कोरोना वायरस के कारण 35 प्रतिशत नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं.

कैब-टैक्सी बिजनेस (Job Losses due to Covid-19 in Cab-Taxi Sector) 

राइड हेलिंग

तमाम सेक्टर्स के मुक़ाबले इस फील्ड में कोरोना का ज़्यादा असर पड़ा है. इस सेक्टर में 50 लाख लोग काम करते हैं. ओला और उबर जैसी ऐप आधारित टैक्सी सर्विसेज इस इंडस्ट्री को लीड करती हैं. मगर इस भयावह वायरस की वजह से कैब बूकिंग में 40 से 50 प्रतिशत की कमी आई है.

ऑनलाइन फ़ूड डिलीवरी (Reduction in Demand in Online Food Delivery Services)

ऑनलाइन फ़ूड डिलीवरी

इस सेक्टर का इंडस्ट्री साइज़ 48000 करोड़ रुपए का है जहां 5 लाख के करीब लोग काम करते हैं. इस सेक्टर में हालांकि नौकरियां जाने का अनुमान नहीं है मगर फिर भी डिलीवरी पार्टनर्स को इस समय कमाई में 20 प्रतिशत की कमी झेलनी पड़ रही है. कोरोना की डर से लोग ऑर्डर करने से कतरा रहे हैं.

ई-कॉमर्स (Trouble in E-Commerce Sector)

इ कॉमर्स

यही एक मात्र सेक्टर है जिसपर अभी कोरोना का बहुत असर नहीं देखा जा रहा है.  22.7 लाख करोड़ रुपए की इस इंडस्ट्री से करीब 60 लाख लोग जुड़े हुए हैं. (यह आंकड़ा इंडियन स्टाफ फेडरेशन द्वारा दिया गया है) कोरोना की वजह से ऑनलाइन शॉपिंग की डिमांड बढ़ गई है मगर यह संकट ऐसा ही रहा तो यहां 20-30 प्रतिशत नौकरियां जा सकती हैं.

Coronavirus: जुकाम होने के बाद पहले 5 दिन में दिखें ये 3 लक्षण, तो जरूर कराएं COVID-19 की जांच

सिनेमा-एंटरटेंमेंट (Unprecedented Loss in Entertaintment Sector)

सिनेमा-एंटरटेंटमेंट

देश की अर्थव्यवस्था में इस सेक्टर का रोल बहुत बड़ा है. 1.82 लाख करोड़ रुपए की इंडस्ट्री साइज वाले इस फील्ड में 70-80 लाख लोग काम करते हैं. इस सेक्टर में काम कर रहे फ्रीलान्स कर्मचारियों तथा कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों पर इसका बहुत बड़ा असर पड़ सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक अगर हालात में जल्द कोई सुधार नहीं होता है तो इस इस इंडस्ट्री को मुश्किल वक़्त से गुज़रना पड़ सकता है.

एविएशन (Effect on Aviation Sector) 

एविएशन

इस सेक्टर का इंडस्ट्री साइज़ 2.2 लाख करोड़ रूपए है और यहां 3 लाख 50 हज़ार के लगभग कर्मचारी हैं. कंसलटेंट कापा ने यह अनुमान लगाया है कि अप्रैल से जून के दौरान कोरोना की वजह से 4200 करोड़ रूपए का नुकसान हो सकता है.

ठेका कर्मचारी सेक्टर (Coronavirus Effect on Unorganized Sector)

टेम्प स्टाफिंग

अस्थायी कर्मचारी के इस सेक्टर का इंडस्ट्री साइज 44,400 करोड़ रूपए के करीब है. साल 2019 में इस सेक्टर में 40 लाख के लगभग लोग काम कर रहे थे. कोरोना की वजह से फेस टू फेस इंटरव्यू पर रोक लग गया है और इस वजह से उन कर्मचारियों के आमदनी पर असर पड़ा है. जो लोग वर्क फ्रॉम होम के मॉडल को अपनाने में सक्षम नहीं है उनपे भी इसका खासा असर पड़ रहा है.

बता दें कि इस मुश्किल वक्त में जहां एक तरफ दुनिया के सभी मुल्क इससे निजात पाने की कोशिश में लगे हुए हैं वहीं दूसरी तरफ यूएन के मुताबिक इस कोरोना की वजह से पूरी दुनिया में ढाई करोड़ के लगभग नौकरियां जा सकती हैं.

Coronavirus Myth & Truth: एल्‍कोहल से मर जाता है कोरोना वायरस, ‘पीने’ वालों को नहीं होती ये बीमारी!