कोरोना वायरस की वजह से दुनिया के शेयर बाजारों में कोहराम मचा हुआ है. इसका असर देश के शेयर बाजारों पर भी पड़ा है. गुरुवार को कारोबार के शुरुआती घंटों में बांबे स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स में 2500 से अधिक गिरावट देखी गई. वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी सूचकांक भी 10 हजार के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गया. बाजार खुलते ही सेंसेक्स ने भारी गोता लगा दिया. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस को महामारी घोषित किया है, जिसके बाद वैश्विक आर्थिक मंदी की आशंका गहरा गई है. शुरुआती कारोबार के दौरान रुपये में भी भारी गिरावट दर्ज की गई और यह डॉलर के मुकाबले 82 पैसे टूट कर 74.50 पर आ गया. खबर लिखे जाने तक सेंसेक्स 2536 अंक नीचे लुढ़क चुका था. Also Read - Covid-19 : भारत में कोरोना के 1 हजार मामले, घर जाने को बेताब प्रवासी मजदूर, यूरोप में लगा लाशों का ढेर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के चलते एक महीने के लिए ब्रिटेन को छोड़कर बाकी यूरोप से लोगों के अमेरिका आने पर प्रतिबंध लगाने के बाद दुनिया भर के शेयर बाजार औंधे मुंह गिर गए. इस दौरान कच्चे तेल की कीमतों में भी भारी गिरावट हई और वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी की आशंका बढ़ गई. दुनिया भर में इस बीमारी के काबू में आने के संकेत नहीं मिल रहे हैं और इस बीच एक असाधारण संबोधन में ट्रंप ने कहा कि यूरोपीय देशों पर लगाया गया प्रतिबंध 30 दिनों के लिए होगा. Also Read - Covid-19: तेलंगाना में कोरोना वायरस से पहली मौत, 6 नए मामले

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस को महामारी घोषित किया है और कहा है कि इसके कहा कि इसकी रोकथाम के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए. Also Read - Covid-19: BCCI ने प्रधानमंत्री के आपदा प्रबंधन राहत कोष में दिए 51 करोड़ रूपये

ऐसे में पहले ही गिरावट का सामना कर रहे एशियाई शेयर बाजार औंधे मुंह गिर गए. तोक्यो में पांच फीसदी से ज्यादा, हांगकांग में 3.8 प्रतिशत और सिडनी में लगभग सात प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. बैंकॉक शेयर बाजार लगभग आठ प्रतिशत नीचे चला गया.

सियोल, वेलिंगटन, मुंबई और ताइपे में लगभग चार प्रतिशत की गिरावट देखी गई, जबकि सिंगापुर और जकार्ता में तीन प्रतिशत से ज्यादा की कमी आई. शंघाई शेयर बाजार में 1.3 फीसदी की गिरावट आई.

इस दौरान अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन में एक प्रतिशत से अधिक का उछल आया.

एक्सीकॉर्प के स्टीफन इनेस ने कहा कि यात्रा प्रतिबंध से वैश्विक आर्थिक गतिविधियों में कमी आएगी, इसलिए कारोबारी बिकवाली कर रहे हैं. अमेरिकी बाजारों से नकारात्मक संकेत आने के बाद सभी उसकी गिरफ्त में है.”

अमेरिका से एक के बाद एक कई बुरी खबरें आईं, जिसका असर वॉल स्ट्रीट पर दिखा. हिल्टन ने अपनी कमाई के पूर्वानुमान को वापस ले लिया, जबकि बोइंग ने कहा कि वह नियुक्तियों और ओवरटाइम भुगतान को निलंबित करेगा.

इसके चलते डॉव में गिरावट आई और यह हाल में अपने उच्चतम स्तर से 20 प्रतिशत टूट चुका है. कोरोना वायरस के प्रकोप से वास्तव में कोई भी क्षेत्र अछूता नहीं है. सबसे अधिक असर पर्यटन पर हुआ है.

चीन, ईरान और इटली समेत दुनिया भर में कोरोना वायरस से 4,500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 1.24 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हैं.