नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में शुनिवार को हुई जीएसटी काउंसिल की 39वीं बैठक में मोबाइल फोन पर बड़ा फैसला लिया गया है. दरअसल बैठक में मोबाइल पर जीएसटी दर 12 फीसदी से बढ़ाकर 18 फीसदी कर दी गई है. जिससे साफ हो गया है कि अब भारत में मोबाइल फोन महंगे मिलेंगे. यह वृद्धि एक अप्रैल से लागू होगी. Also Read - कोरोना वायरस के कारण दिल्ली यूनिवर्सिटी ने सभी एग्जाम किए पोस्टपोन्ड

बता दें कि पूरी दुनिया में कोरोना वायरस के अफरातफरी का माहौल है. ऐसे में जनता को सुबह पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी के बाद महंगाई का डबल डोज मिला है. बता दें कि पेट्रोल-डीजल तीन रुपये महंगा कर दिया गया है. Also Read - Coronavirus Cases in Dharavi: धारावी में कोरोना वायरस के 5 और मरीज मिले, तीन लोगों की हो चुकी है मौत

बता दें कि कोरोना के कारण पहले ही मोबाइल की कीमतों में तेजी आई है. चीन से सप्लाई प्रभावित होने के कारण ज्यादार ब्रैंड के मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक गजेट पहले से ही महंगे हो रहे हैं. जीएसटी काउंसिल की 39वीं बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि मोबाइल फोन, विशेष कलपुर्जों पर जीएसटी की दर 12 से बढ़ाकर 18 प्रतिशत की गई है. इसके अलावा हस्त निर्मित, मशीन से बनी माचिस पर जीएसटी की दर को तर्कसंगत बनाकर 12 प्रतिशत किया गया है. Also Read - खाली स्‍टेडियम में IPL कराना चाहते हैं पैट कमिंस, ऐसा करने से कुछ हद तक लौटेगी सामान्‍य स्थिति

वहीं विमानों की रखरखाव, मरम्मत, ओवरहॉल (एमआरओ) सेवाओं पर जीएसटी की दर 18 से घटाकर 5 प्रतिशत की गई. वित्त मंत्री ने बताया कि जीएसटी परिषद ने दो करोड़ रुपये से कम कारोबार वाली इकाइयों को वित्त वर्ष 2017-18, 2018-19 के लिए वार्षिक रिटर्न भरने में देरी पर विलम्ब-शुल्क को माफ किया है.

उन्होंने ये भी कहा कि जीएसटी भुगतान में देरी पर एक जुलाई से शुद्ध कर देनदारी पर ब्याज लगेगा. सीतारमण ने कहा कि परिषद ने इन्फोसिस से जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) में अधिक दक्ष कर्मचारी लगाने, जीएसटी नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने को कहा है ताकि इस प्रणाली को किसी तरह की बाधा से मुक्त किया जा सके. इन्फोसिस ने जीएसटीएन को डिजाइन किया है. परिषद ने कंपनी से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि जुलाई, 2020 तक यह प्रणाली अधिक बेहतर तरीके से काम करे.