मुंबई: वित्तीय और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियों के शेयरों में बिकवाली से शुक्रवार को सेंसेक्स 536 अंक टूट गया. कोरोना वायरस की वजह से दुनियाभर में लागू लॉकडाउन से आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा है और फिलहाल इसमें राहत मिलती नहीं दिख रही है. इससे वैश्विक बाजारों में भी गिरावट आई. Also Read - WATCH: कड़कती बिजली के बीच धोनी ने निकाली बाइक, बेटी जीवा को कराई सैर

बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 535.86 अंक या 1.68 प्रतिशत के नुकसान से 31,327.22 अंक पर बंद हुआ. इसी तरह एनएसई का निफ्टी भी 159.50 अंक या 1.71 प्रतिशत के नुकसान से 9,154.40 अंक पर बंद हुआ. Also Read - Cinema Halls Will Reopen: इसी माह खुल जाएंगे सिनेमा घर! जानिए सरकार क्या कर रही प्लानिंग

घरेलू मोर्चे पर फ्रैंकलिन टेंपलेटन म्यूचुअल फंड ने कोविड-19 संकट की वजह से निकासी के दबाव और बांड बाजार में तरलता की कमी के चलते अपनी छह बांड या डेट योजनाओं को बंद करने का फैसला किया है. Also Read - डोनाल्ड ट्रंप ने की पीएम नरेंद्र मोदी से बात, कहा- अगले हफ्ते तक भारत भेजेंगे 100 वेंटिलेटर्स

विशेषज्ञों का कहना है कि इससे कई खुदरा निवेशकों तथा उच्च संपदा वाले लोगों (एचएनआई) का पैसा इन योजनाओं में फंस जाएगा. इनकी वसूली कब तक हो पाएगी, इसको लेकर स्थिति अभी साफ नहीं है.

सेंसेक्स की कंपनियों बजाज फाइनेंस का शेयर सबसे अधिक 9 प्रतिशत टूट गया. एक्सिस बैंक, इंडसइंड बैंक, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर भी नुकसान में रहे. रिलायंस इंडसट्रीज के शेयर में हालांकि तीन प्रतिशत की बढ़त रही. इससे सेंसेक्स का नुकसान कुछ कम रहा.

सनफार्मा, हीरो मोटोकॉर्प, एलएंडटी, पावरग्रिड और बजाज आटो के शेयर भी लाभ में रहे.

अन्य एशियाई बाजारों में चीन का शंघाई कम्पोजिट, हांगकांग का हैंगसेंग, जापान का निक्की और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी भारी नुकसान में बंद हुए. वहीं शुरुआती कारोबार में यूरोपीय बाजार नुकसान में चल रहे थे.

वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट कच्चा तेल वायदा 0.38 प्रतिशत टूटकर 21.25 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. अंतर बैंक विदेशी विनिमय बाजार में रुपया 40 पैसे के नुकसान से 76.46 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर बंद हुआ.

बता दें कि देश में कोरोना वायरस के मामलो की संख्या 23,077 हो गई है. अब तक देश में इस महामारी से 718 लोगों की जान गई है.

विशेषज्ञों ने कहा कि फ्रैंकलिन टेंपलेटन द्वारा कुछ बांड योजनाओं को बंद करने की घोषणा से विशेष रूप बैंकों और गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के शेयरों में बिकवाली का दबाव रहा.

कोटक सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष (पीसीजी रिसर्च) संजीव जरबादे ने कहा कि वैश्विक स्तर पर बाजारों में काफी उतार-चढ़ाव है. अभी तक कोविड-19 के इलाज के लिए कोई दवा बनाने में उल्लेखनीय कामयाबी नहीं मिल पाई है, जिससे बाजारों में बेचैनी है. उन्होंने कहा कि ज्यादातर देशों में वृहद आर्थिक आंकड़े काफी कमजोर हैं. इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट से भी निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है.