नई दिल्ली: रिजर्व बैंक ने कोरोना संकट के बीच शुक्रवार को बड़ी राहत भरी खबर दी है. केंद्रीय बैंक ने कर्ज देने वाले सभी वित्तीय संस्थानों से ग्राहकों को कर्ज की मासिक किस्त यानी ईएमआई के भुगतान में तीन महीने की छूट देने को कहा. कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए देश भर में आवागमन पर पाबंदी से लोगों को हो रही समस्या को देखते हुए यह कदम उठाया गया है. Also Read - PM Jandhan Account: जनधन खाताधारकों के लिए बुरी खबर, अगर भूलकर भी किया यह काम तो लगेगा चार्ज

आरबीआई ने बैंकों को कार्यशील पूंजी के लिए दिए गए कर्ज पर ब्याज तीन महीने जून 2020 तक टालने की भी अनुमति भी दी है. इन उपायों से उन लोगों और इकाइयों को राहत मिलेगी, जो आर्थिक गतिविधियां ठप होने से प्रभावित हैं तथा ऋण की किस्त देने की स्थिति में नहीं हैं. Also Read - RTGS Service will Not Available on Sunday: रविवार को इतने घंटे के लिए बंद रहेगी RTGS सेवा, समय से निपटा लें काम

संकट में फंसी अर्थव्यवस्था, मदद के लिए बड़े कदम की जरूरत
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मौजूदा स्थिति असाधारण है, सभी आर्थिक गतिविधियां पूरी तरह ठप है. ऐसे में संकट में फंसी अर्थव्यवस्था की मदद के लिए बड़े कदम उठाने की जरूरत है. दास ने यह भी कहा कि कर्ज की किस्त और ब्याज तीन महीने के टाले जाने को चूक नहीं माना जाएगा और इससे कर्जदार की साख खराब नहीं होगा. Also Read - Mobile Wallet | Bank Account: बैंक खातों की तुलना में क्यों अधिक लोकप्रिय हो सकते हैं मोबाइल वॉलेट?

आरबीआई वित्तीय प्रणाली में 3.74 लाख करोड़ रुपए की नकदी डालेगा
रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को कहा कि कोरोना वायरस महामारी और उससे जुड़े सार्वजिनक प्रतिबंधों के आर्थिक और से निपटने के लिये वित्तीय संस्थानों में करीब 3.74 लाख करोड़ रुपए के अतिक्त नकद धन के प्रवाह के इंतजाम किए गए हैं. इससे बैंकों की कर्ज देने की क्षमता बढ़ेगी.

वित्तीय बाजार दबाव में है और बाजार में स्थिरता के लिए कदम
रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समित ने पूर्व नियोजित बैठक से पहले शुक्रवार को नीतिगत ब्याज दरों में कटौती और बैंकों के पास कर्ज के लिए अतिरक्त धन उपलब्ध कराने के फैसले किए. दास ने मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के निर्णय के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि वित्तीय बाजार दबाव में है और बाजार में स्थिरता तथा आर्थिक वृद्धि को पटरी पर लाने के लिये आरबीआई को कदम उठाने की जरूरत थी.

सीआरआर में एक प्रतिशत कम कर 3 प्रतिशत किया गया
गवर्नर ने कहा कि नकदी बढ़ाने के उपायों के तहत आरबीआई बाजार में एक लाख करोड़ रुपए की नकदी डालने के लिये रेपो आधारित बांड की नीलामी करेगा. इसके अलावा उन्होंने सभी बैंकों के लिए नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में एक प्रतिशत कम कर 3 प्रतिशत किया गया गया है. यह 28 मार्च से एक साल के लिए प्रभाव में रहेगा. इससे बाजार में 1.37 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी आने की उम्मीद है. इससे पहले, आरबीआई ने फरवरी 2013 में सीआरआर में 0.25 प्रतिश्त की कटौती की थी.

बाजार में नकदी बढ़ेगी
दास ने कहा कि केंद्रीय बैंक ने सीमांत कर्ज सुविधा दर (एमएसएफ) और बैंक दर को 5.40 प्रतिश्त से कम कर 4.65 प्रतिशत कर दिया है. इससे भी बाजार में नकदी बढ़ेगी. दास ने कहा कि कुल मिलाकर इन उपायों से अर्थव्यवस्था में 3.74 लाख करोड़ रुपये की नकदी बढ़ेगी.

सभी प्रकार के विकल्प विकल्प खुले हैं
रिजर्व बैंक के गवर्नर ने यह भी कहा कि वित्तीय बाजार की स्थिरता और आर्थिक वृद्धि संभालने के लिये परंपरागत या लीक से हट कर, सभी प्रकार के विकल्प विकल्प खुले हैं. गर्वनर ने लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि देश में बैंक प्रणाली पूरी तहर सुरक्षित है और वे घबराकर निजी बैंकों से पैसा नहीं निकाले.