मुंबई: भारतीय शेयर बाजारों में सोमवार को जोरदार गिरावट आई और बीएसई सेंसेक्स करीब 807 अंक का गोता लगा गया. इस साल यह दूसरा मौका है, जब सेंसेक्स में इतनी बड़ी गिरावट आई है. चीन में कोरोना वायरस के मामले बढ़ने की खबरों से निवेशकों की चिंता भी बढ़ी है. ऐसे में वैश्विक बाजारों के साथ साथ भारतीय बाजार में भी बिकवाली का भारी दबाव पैदा हो गया था. Also Read - Doctor Prabhat Kumar Dies: बिहार के जाने-माने हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रभात कुमार की कोरोना संक्रमण से मौत

बाजार सुबह गिरावट के साथ खुला. दिन में बीएसई-सेंसेक्स 40,306.36 अंक तक लुढ़क गया था. दक्षिण कोरिया, इटली और ईरान में बड़ी संख्या में कोरोना वायरस के मामले आने की खबर के बाद निवेशकों ने घबराहट में बिकवाली बढ़ा दी थी. Also Read - महत्वपूर्ण संख्या में लोगों को टीका लगने के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था फिर अच्छा करेगी: आशिमा गोयल

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स अंतत: 806.89 अंक यानी 1.96 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 40,363.23 पर बंद हुआ. इस साल यह दूसरा मौका है जब सेंसेक्स इतना टूटा है. इससे पहले एक फरवरी को बजट आने के बाद सेंसेक्स 987 अंक से अधिक लुढ़क गया था. Also Read - कर्नाटक में कोरोना बच्चों पर ढा रहा कहर, तीसरी लहर का अभी आना बाकी

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 251.45 अंक यानी 2.08 प्रतिशत टूटकर 11,829.40 अंक पर बंद हुआ.

सेंसेक्स में शामिल सभी कंपनियों के शेयर नुकसान में रहे. टाटा स्टील में सर्वाधिक 6.39 प्रतिशत की गिरावट आयी. उसके बाद ओएनजीसी, मारुति, टाइटन, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी और भारती एयरटेल का स्थान रहा.

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, दक्षिण कोरिया और इटली में कोरोना वायरस के नये मामले आने के बाद सुरक्षा संपत्ति में निवेश की मांग बढ़ी है. अन्य देशों में इस वायरस के प्रभाव पड़ने को देखते हुए यह अंदेशा है कि व्यापार प्रभाव पूर्व के अनुमान से कहीं अधिक व्यापक हो सकता है. ट्रंप-मोदी की मुलाकात से भी बाजार को व्यापार सौदे को लेकर कोई संकेत नहीं मिला लेकिन बाजार भविष्य में इस बारे में संकेत की उम्मीद कर रहा है.’’

इस बीच, अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष ने भी आगाह किया कि खतरनाक कोरोना विषाणु पहले से कमजोर वैश्विक अर्थव्यवस्था को और संकट में डाल सकता है.

चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने रविवार को कहा कि कोरोना वायरस देश का सबसे बड़ा स्वास्थ्य आपात स्थिति है. चीन में इस विषाणु के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 2,592 पहुंच गई है.

कोरोना वायरस का असर दुनिया के अन्य शेयर बाजारों पर भी असर पड़ा. दुनिया के अन्य बाजारों में सियोल का शेयर बाजार नीचे आया. दक्षिण कोरिया में भी कोरोना विषाणु के संक्रमण से 161 और लोगों के मारे जाने की खबर से शेयर बाजार नीचे आया. इस विषाणु के कारण वहां अबतक 763 लोगों की मौत हो चुकी है. चीन के बाद यह दूसरा देश है जहां इतनी संख्या में लोगों की मौत हुई है. इसके अलावा शंघाई, तोक्यो और हांगकांग के बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए.

यूरोप के प्रमुख बाजारों में भी शुरूआती कारोबार में गिरावट का रुख रहा. इटली के मिलान का एफटीएसई एमआईबी 4 प्रतिशत से अधिक नीचे आया. इटली में विषाणु के कारण चार लोगों की मौत हो चुकी है. इसकी चपेट में आने वाले लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है.