कोरोना संकट में भारत की सहायता के लिए विश्व बैंक ने अपनी तिजोरी खोल दी है. उसने भारत को एक बार फिर एक अरब डॉलर यानी करीब 7500 करोड़ रुपये की सहायता देने को मंजूरी दी है. कोरोना संकेट के बीच विश्व बैंक की ओर से भारत को दी जाने वाली सहायता की यह दूसरी किश्त है. पिछले महीने भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र की मदद के लिए एक अरब अमेरिकी डालर यानी 7500 करोड़ रुपये की सहायता देने की घोषणा की गई थी. Also Read - Coronavirus Latest News: दिल्ली में पहली बार एक दिन में कोरोना संक्रमण के 1000 से अधिक मामले

विश्व बैंक ने शुक्रवार को कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर गरीब, कमजोर परिवारों को सामाजिक सहायता देने के भारत के प्रयासों में मदद के लिए एक अरब डॉलर यानी करीब 75 अरब रुपये की सहायता को मंजूरी दी है. ये सहायता ‘भारतीय कोविड-19 सामाजिक संरक्षण प्रतिक्रिया कार्यक्रम को प्रोत्साहन’के रूप में दी जाएगी. Also Read - महाराष्‍ट्र में कोरोना से आज 85 मौतें के साथ अब तक करीब 2000 मृत, कुल 60 हजार पॉजिटिव केस


इसके साथ ही विश्व बैंक ने कोविड-19 महामारी का मुकाबला करने के लिए भारत को अब तक कुल दो अरब डॉलर यानी 150 अरब रुपये देने की प्रतिबद्धता जताई है.

भारत में वर्ल्ड बैंक के कंट्री डायरेक्टर जुनैद अहमद ने मीडिया के साथ एक वेबिनार में कहा कि कोविड-19 महामारी का मुकाबला करने के लिए दुनिया भर में सरकारों को अभूतपूर्व तरीके से लॉकडाउन और सामाजिक दूरी को लागू करना पड़ा है.

हालांकि, वायरस के प्रसार को रोकने के लिए किए गए इन उपायों से अर्थव्यवस्थाएं प्रभावित हुई है और खासतौर से अनौपचारिक क्षेत्र में नौकरियां प्रभावित हुई हैं. उन्होंने कहा कि भारत इसका अपवाद नहीं है.

एक अरब डॉलर की इस सहायता में 55 करोड़ डॉलर का वित्त पोषण विश्व बैंक की रियायती ऋण शाखा अंतरराष्ट्रीय विकास संघ (आईडीए) के द्वारा किया जाएगा, जबकि 20 करोड़ डॉलर ऋण के रूप में अंतरराष्ट्रीय पुनर्निर्माण एवं विकास बैंक (आईबीआरडी) द्वारा दिए जाएंगे. शेष 25 करोड़ रुपये 30 जून 2020 के बाद दिए जाएंगे.

(इनपुट-भाषा)