
Anjali Karmakar
अंजलि कर्मकार 12 साल से जर्नलिज्म की फील्ड में एक्टिव हैं. उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया है. यहीं से मास कॉम में मास्टर्स की डिग्री ली ... और पढ़ें
इन दिनों हर कोई जॉब के साथ-साथ साइड इनकम के लिए कोई न कोई बिजनेस करना चाहता है. ज्यादातर लोग ऐसा बिजनेस करना चाहते हैं, जिसमें कम लागत हो और कम स्पेस हो. अगर आप भी ऐसे किसी बिजनेस आइडिया की तलाश में हैं, तो कॉटन कैंडी का बिजनेस एकदम सही रहेगा. इसे ‘बुढ़िया के बाल‘, ‘हवा मिठाई‘ और ‘गुलाब लच्छी‘ भी कहते हैं.
मेले में खासतौर पर बच्चे बुढ़िया के बाल लेने की जिद करते हैं. वहीं, मॉल में भी आपको कैंडी स्टोर में बुढ़िया के बाल दिख जाएंगे. अगर आप कॉटन कैंडी का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, तो इसके लिए ज्यादा स्पेस की जरूरत नहीं है. आप अपने घर के एक कमरे में ही इस बिजनेस को शुरू कर सकते हैं.
अमेरिका में डेंटिस्ट ने खाई थी दुनिया की पहली कॉटन कैंडी
अमेरिका में विलियम्स जेम्स मॉरिसन (Williams James Morrison) नाम के डेंटिस्ट यानी दांतों के एक डॉक्टर ने सबसे पहली कॉटन कैंडी खाई थी. साल 1897 की बात है, जेम्स मॉरिसन ने एक हलवाई जॉन सी व्हाटर्न के साथ मिलकर एक मशीन बनाई, जो गर्म चीनी को घुमाते हुए कॉटन कैंडी बनाती थी. उस जमाने में ये अपने आप में एक अनूठा अविष्कार था. तब इसे पहचान नहीं मिली. करीब 7 साल बाद 1907 में विलियम्स जेम्स मॉरिस ने सेंट लुइस वर्ल्ड फेयर में अपने इस नए प्रोडक्ट को पहली बार लोगों के सामने रखा. धीरे-धीरे ये मशीन लोगों के बीच काफी फेमस हो गई. तब अमेरिका में इसे ‘फेयरी फ्लॉस’ (fairy floss) का नाम दिया गया था. बाद में ये कॉटन कैंडी के नाम से बाकी देशों में मशहूर हुआ.
बिजनेस शुरू करने के लिए क्या-क्या चाहिए?
इस बिजनेस के लिए आपको एक मशीन खरीदना होगा, जिसमें कॉटन कैंडी बनेगी. ये मशीन अमेजॉन या फ्लिपकार्ट साइट पर आसानी से और सस्ते में मिल जाएगा. इसके अलावा आपको शक्कर, एडिबल कलर, फ्लेवर इंसेंस भी खरीदना होगा. कैंडी को लपेटने के लिए स्टिक भी चाहिए.
कितनी आएगी लागत?
इस बिजनेस को शुरू करने के लिए शुरुआत में 10 हजार की लागत आएगी. कॉटन कैंडी बनाने की मशीन आपको 5 से 7 हजार रुपये में मिल जाएगी. बाकी के पैसे आपको पैकेजिंग, कच्चे माल के लिए रखने होंगे. अगर आप शुरुआत में 500 पैकेट भी बनाने का टारगेट रखते हैं, तो इतने रुपये में काम हो जाएगा. जैसे जैसे आपका ऑर्डर बढ़ेगा, वैसे आपको लागत भी बढ़ानी होगी.
कैसे बनेगी कॉटन कैंडी?
कॉटन कैंडी में 99% चीनी,1% खाने वाला रंग और फ्लेवर मिलाया जाता है. इसे बनाने के लिए सभी को मशीन में डाला जाता है. इसके बाद मशीन तेजी से घूमती है. जिससे चीनी गर्म होकर चाशनी बनने लगती है. इससे कॉटन जैसे चीनी की चाशनी बनने लगती है. रुई के फोहे जैसे दिखने वाली कैंडी ऐसे ही तैयार हो जाती है. फिर से एक झटके में स्टिक में लपेट लेते हैं. इसे आपको एयर टाइट करके रखना है. इसके लिए ट्रांसपरेंट शीट का इस्तेमाल करना चाहिए. ताकि वे अधिक समय तक ताजा रहे और उन्हें हवा न लगे.
कहां बेच सकते हैं अपना माल?
अक्सर स्कूल, कॉलेज के बाहर, मेले में, मॉल के सामने बुढ़िया के बालों को बिकते देखा गया है. बच्चे के साथ-साथ बड़े भी इसे चाव से खाते हैं. मॉल के अंदर तो इसका अलग से स्टोर खुलने लगा है. ऐसे में आप यहां कोलैबोरेशन कर सकते हैं. बर्थडे पार्टी, शादी जैसे फैमिली फंक्शन में भी इसकी डिमांड खूब रहती है.
कितनी होगी कमाई?
मॉल में एक कॉटन कैंडी का पैकेट 50 से 70 रुपये में बिकता है. मेले में ये थोड़ा सस्ता मिल जाएगा. अगर आपको हर रोज 500 का ऑर्डर मिला, तो इससे आप 20 से 30 हजार रुपये का साइड इनकम आराम से कर सकते हैं.
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