COVID Cashless Treatment: भारत के बीमा क्षेत्र के नियामक (IRDAI) ने सामान्य और स्वास्थ्य बीमा कंपनियों को कोविड-19 (Covid-19) के इलाज के लिए कैशलेस सुविधा (Cashless Facility) उपलब्ध नहीं कराने पर अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. एक सर्कुलर में इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) ने बीमा कंपनियों से कहा कि वे अपने समझौते के अनुसार कैशलेस सुविधा से वंचित अस्पतालों के खिलाफ उचित कार्रवाई करें.Also Read - LIC IPO: 'सितंबर 2020 तक LIC के पास था 21,500 करोड़ रुपये का ऐसा फंड, जिसके लिए नहीं आया कोई दावा'

कैशलेस सुविधा (Cashless Facility) का मतलब बीमाकर्ताओं द्वारा अस्पताल के बिलों का प्रत्यक्ष निपटान है. Also Read - LIC Public Issue: सेबी के पास एलआईसी आईपीओ के लिए फाइलिंग की संभावना आज, IRDAI ने ड्राफ्ट पेपर्स को दी मंजूरी

आईआरडीएआई (IRDAI) ने कहा कि सामान्य और स्वास्थ्य बीमाकर्ता यह सुनिश्चित करेंगे कि ऐसे सभी नेटवर्क प्रदाता अस्पताल पॉलिसी लेवल के किसी भी इलाज के लिए कैशलेस सुविधा का विस्तार करें, जिसमें सर्विस लेवल एग्रीमेंट के नियमों और शर्तों के अनुसार कोविड-19 उपचार शामिल है. Also Read - बीमा नियामक का ऐलान, COVID-19 को कवर करने वाली हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसीज में कवर होगा ओमिक्रॉन