भारत में क्रेडिट कार्ड खर्च में उछाल! उपभोक्ताओं की बढ़ती जरूरतों का संकेत

सितंबर 2024 तिमाही में भारत में क्रेडिट कार्ड खर्च 34% बढ़ा. लोन मांग घटी, लेकिन दोपहिया और प्रॉपर्टी लोन में वृद्धि हुई. लेंडर्स को नई रणनीतियां अपनानी होंगी ताकि उपभोक्ताओं को बेहतर क्रेडिट समाधान मिल सके.

Published date india.com Published: January 27, 2025 3:02 PM IST
भारत में क्रेडिट कार्ड खर्च में उछाल! उपभोक्ताओं की बढ़ती जरूरतों का संकेत

भारत में क्रेडिट कार्ड के उपयोग में तेजी देखने को मिल रही है. सितंबर 2024 तिमाही में इसमें 34% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि 2023 की समान अवधि में यह 26% थी. इस वृद्धि का मुख्य कारण उपभोक्ताओं की बढ़ती खर्च जरूरतें और क्रेडिट कार्ड की आसान उपलब्धता है. यह खुलासा हाल ही में जारी ट्रांसयूनियन सिबिल क्रेडिट मार्केट इंडिकेटर (सीएमआई) रिपोर्ट में किया गया.

रिटेल क्रेडिट ग्रोथ में हल्की नरमी

रिपोर्ट के अनुसार, भारत की रिटेल क्रेडिट ग्रोथ में हल्की गिरावट आई है. लोन मांग में कमी और अधिकांश लोन उत्पादों की आपूर्ति घटने के कारण यह बदलाव देखा गया. हालांकि, क्रेडिट कार्ड से खर्च करने की प्रवृत्ति में तेजी जारी रही.

क्रेडिट कार्ड की बढ़ती स्वीकार्यता

ट्रांसयूनियन सिबिल के सीईओ और एमडी भावेश जैन के अनुसार, क्रेडिट कार्ड खर्च में वृद्धि उपभोक्ताओं के बीच इसकी बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाती है. अब लोग इसे सिर्फ भुगतान के साधन के रूप में नहीं, बल्कि तत्काल क्रेडिट पाने के विकल्प के रूप में भी देख रहे हैं.

लेंडर्स के लिए अवसर

जैन ने यह भी कहा कि लेंडर्स के लिए यह उपयुक्त समय है कि वे उन उपभोक्ताओं की पहचान करें, जिन्हें अतिरिक्त लोन की जरूरत है. सही उपभोक्ताओं तक किफायती और बेहतर लोन समाधान पहुंचाने से बाजार में संतुलन बना रहेगा.

पर्सनल लोन की ग्रोथ घटी

पर्सनल लोन की वृद्धि दर भी प्रभावित हुई है. सितंबर 2024 तिमाही में इसमें 11% की सालाना वृद्धि दर्ज की गई, जबकि पिछले साल यही आंकड़ा 32% था. यह गिरावट लोन बाजार में आई सुस्ती को दिखाती है.

प्रॉपर्टी और दोपहिया लोन में तेजी

हालांकि, रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि दोपहिया वाहन लोन और प्रॉपर्टी के बदले लोन में अच्छी वृद्धि देखी गई है. इससे संकेत मिलता है कि उपभोक्ता बड़े खर्चों के लिए लोन लेना पसंद कर रहे हैं.

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स्मार्ट रणनीति की जरूरत

जैन का सुझाव है कि लेंडर्स को बदलते बाजार के अनुरूप रणनीति अपनानी होगी. नई विश्लेषणात्मक तकनीकों का उपयोग कर वे योग्य उपभोक्ताओं तक बेहतर लोन योजनाएं पहुंचा सकते हैं. इससे आर्थिक विकास को भी बल मिलेगा.

गौरतलब है कि भारत में क्रेडिट कार्ड का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है. लोग अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए इस विकल्प को अपना रहे हैं. हालांकि, लोन बाजार में आई नरमी को ध्यान में रखते हुए लेंडर्स को नई रणनीतियां बनानी होंगी. इससे उपभोक्ताओं और अर्थव्यवस्था दोनों को लाभ होगा.

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